Wednesday , September 19 2018
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मैक्केन के सम्मान में दिया झंडा झुकाने का आदेश

भारत की पैरवी करने वाले अमेरिकी सांसद जॉन मैक्केन की 81 वर्ष में ब्रेन कैंसर से मौत के बाद उनके सम्मान के लिए दबाव पड़ने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने देश भर में झंडों को आधा झुकाने के आदेश दिए हैं। ट्रंप हमेशा से मैक्केन के विरोधी रहे हैं, ऐसे में दिवंगत अमेरिकी सीनेटर को उचित सम्मान नहीं देने पर चौतरफा आलोचनाओं से घिरे ट्रंप को अपने पुराने रुख से यू-टर्न लेकर यह आदेश जारी करना पड़ा है।

शनिवार को मैक्केन के निधन पर ट्रंप ने सिर्फ एक ट्वीट कर संवेदना जताई लेकिन श्रद्धांजलि तक नहीं दी। शनिवार को व्हाइट हाउस पर लगा झंडा भी झुकाया गया लेकिन सोमवार को यह ध्वज फिर पहले की तरह लहराता दिखाई दिया। किसी भी सीनेटर के निधन पर सामान्य नहीं है। इसलिए ट्रंप की आलोचना के बाद उन्हें फैसला वापस लेना पड़ा।

ट्रंप ने कहा, ‘नीतियों और राजनीति में हमारे मतभेदों के बावजूद मैं सीनेटर जॉन मैक्केन की अमेरिका को दी सेवा का सम्मान करता हूं। मैंने उनके अंतिम संस्कार के दिन तक अमेरिकी झंडा आधा झुकाए रखने के आदेश पर दस्तखत किए हैं।’ ट्रंप के इस आदेश के बाद व्हाइट हाउस समेत सभी सार्वजनिक भवनों, सैन्य प्रतिष्ठानों और दूतावासों पर झंडा आधा झुका रहेगा।

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ट्रंप ने कहा कि मैक्केन की याद में शुक्रवार को यूएस कैपिटोल में होने वाली मेमोरियल सर्विस में उपराष्ट्रपति माइक पेंस हिस्सा लेंगे। रक्षा मंत्री जिम मेटिस, चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली और एनएसए जॉन बोल्टन इस दौरान राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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ट्रंप ने प्रशस्ति पत्र तक नहीं किया जारी
वियतनाम युद्ध में भाग लेकर वॉर हीरो का दर्जा हासिल करने वाले जॉन मैक्केन ट्रंप के बड़े आलोचक थे। यहां तक कि दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद के दावेदार मैक्केन ने मृत्यु पूर्व ही अपनी शोकसभा की योजना बनाते वक्त अपनी ही पार्टी से डोनाल्ड ट्रंप को वहां आने का न्योता नहीं दिया था। मैक्केन के निधन की खबर मिलने के बाद व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने दिवंगत तारीफ में एक स्टेटमेंट (प्रशस्ति पत्र) तैयार किया था जिसे जारी करने से ट्रंप ने इनकार कर दिया।

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