Saturday , November 17 2018
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भारत में लाखों लोगों पर मंडरा रहा कुपोषण का खतरा

साल 2050 तक लाखों भारतीयों पर कुपोषण का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल काबर्न डाई ऑक्साइड के बढ़ते स्तर के कारण चावल और गेहूं जैसी मुख्य फसलें कम पोषक हो रही हैं। अमेरिका के हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि मानवीय गतिविधियों से बढ़ते कार्बन डाई ऑक्साइड के स्तर के कारण साल 2050 तक दुनियाभर में 17.5 करोड़ लोगों में जिंक की कमी जबकि 12.2 करोड़ लोगों में प्रोटीन की कमी हो सकती है।

‘नेचर क्लाइमेट चेंज’ पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि एक अरब से अधिक महिलाओं और बच्चों में बड़ी मात्रा में अपने आयरन की कमी हो सकती है जिससे उनमें एनिमिया सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं। इसमें सबसे अधिक भार भारत पर पड़ेगा जिसमें 5 करोड़ लोगों में जिंक की कमी हो जाएगी।

भारत में कम से कम 3.8 करोड़ लोगों में प्रोटीन की कमी होने का खतरा है और 50.2 करोड़ महिलाओं और बच्चों पर आयरन की कमी से होने वाली बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों में इसका प्रभाव देखा जाएगा।

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