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आतंकी ट्रेनिंग के लिए युवाओं को सीमा पार भेजता था डिप्टी जेलर

आतंकी प्रशिक्षण के लिए युवकों को सीमा पार भेजने की श्रीनगर सेंट्रल जेल में साजिश रचने के आरोप में जम्मू के अंबफला जिला जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट फिरोज अहमद लोन को एनआईए ने जम्मू से हिरासत में लिया है। लोन इससे पहले श्रीनगर सेंट्रल जेल में तैनात था। उसे बुधवार को रिमांड के लिए एनआईए कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही एक अन्य साजिशकर्ता को भी एनआईए ने गिरफ्तार कर दस दिन की रिमांड पर लिया है।

एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि श्रीनगर के सेंट्रल जेल में तत्कालीन डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट फिरोज अहमद लोन, इशाक पल्ला तथा दो युवाओं सुहैल अहमद भट व दानिश गुलाम लोन के बीच जेल परिसर में 25 अक्टूबर 2017 को बैठक हुई। इसमें युवकों को ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भेजने की साजिश रची गई। शोपियां का पल्ला विभिन्न मामलों में जेल में बंद था जो मुख्य साजिशकर्त्ता रहा। कुपवाड़ा पुलिस ने 30 अक्टूबर को एलओसी के पास से सुहैल और दानिश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने पीओके में आतंकी प्रशिक्षण लेने जाने की बात स्वीकार की। एनआईए के अनुसार पकड़े जाने से पहले युवक ब्लैकबेरी मैसेंजर के जरिये एक दूसरे के संपर्क में थे।

इसके बाद एनआईए ने केस संख्या आरसी-07/2018 के तहत मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की। पल्ला तथा बडगाम निवासी फिरोज दोनों को मंगलवार को एनआईए ने हिरासत में लिया।  अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए देश विरोधी गतिविधियों के लिए फिरोज ने काम किया। केस दर्ज होने के बाद फिरोज का तबादला जम्मू में कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि दोनों युवक जैश से जुड़े हुए थे।

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नवीद जट भी हुआ था फरार
लश्कर के आतंकी नवीद जट्ट के छह फरवरी को फरार होने में भी एनआईए डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट से पूछताछ कर रही है। नवीद जट के फरार होने के बाद 21 फरवरी को एनआईए ने मामला दर्ज किया। एनआईए को आशंका है कि नवीद जट को भगाने में भी जेल के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत है। नवीद को उपचार के बहाने अस्पताल भेजा गया और कुछ सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग भी की गई। जेल से आपत्तिजनक सामान व दस्तावेज में नवीद जट के पोस्टर भी बरामद किए गए थे।

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रियाज नायकू के संपर्क में थे दोनों

एनआईए द्वारा पकड़े गए डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट फिरोज अहमद लोन और मुख्य साजिशकर्ता इशाक पाला की मिलीभगत से जेल में आतंकी समर्थकों का काम चल रहा था। एनआईए टीम ने खुलासा किया कि दोनों के संपर्क अल बदर आतंकी संगठन से हुए। अल बदर के लिए नए आतंकी तैयार करने की जिम्मा उन्हें सौंपा गया था।

इस बीच हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू के संपर्क में भी यह दोनों आए। नियाज ने पाक प्रशिक्षित आतंकी सुहैल अहमद भट को जेल में बंद आतंकियों को सीमा पार भेजने की जिम्मेदारी सौंपी। दानिश गुलाम लोन हत्या के एक केस में पहले से ही जेल में बंद था।

हिजबुल के कार्यों की जानकारी सुरक्षाबलों को नहीं लग पाए। इसके लिए भट ने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट से सांठगांठ की। दोनों आतंकियों को सीमा पार करते समय सुरक्षबलों ने पकड़ा था। एनआईए ने 13 मई 2018 को श्रीनगर सेंट्रल जेल में छापा मारा। छापे के दौरान लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और पाकिस्तान के झंडे भी बरामद किए।

एनआईए ने 25 मोबाइल, सिम कार्ड, आईपैड आदि भी जब्त किया। एनआईए ने सेंट्रल जेल की करीब दो दर्जन बैरकों में जांच की। जहां अलग-अलग आतंकी संगठनों के आतंकियों से पूछताछ की और कई आपत्तिजनक सामान को बरामद किया था।

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