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रेलवे की फ्लेक्सी फेयर स्कीम में होगा बदलाव

भारतीय रेलवे जल्द ही प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को दो बड़ी सुविधाएं देने जा रहा है। इसमें पहला तो फ्लेक्सी फेयर से जुड़ा है और दूसरा एसी कोच को लेकर के है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि उसके इस कदम से यात्रियों का सफर काफी हद तक सस्ता और आरामदायक हो जाएगा।

रेलवे ने राजधानी और दूरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में घाटे वाले द्वितीय श्रेणी के एसी कोच के बदले एसी-थ्री कोच बढ़ाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने एसी-थ्री के ज्यादा से ज्यादा कोच बनाने का निर्देश दिया है। शुरू में इसे उन ट्रेनों में लगाया जाएगा, जिनमें एसी-द्वितीय श्रेणी के कम यात्री हैं। देशभर में एसी-द्वितीय श्रेणी के कम से कम 250 कोच बदले जाएंगे।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने बताया कि हमने राजस्व बढ़ाने के लिए ट्रेनों में एसी-थ्री के ज्यादा कोच लगाने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समय सीमा नहीं बताई। अधिकारियों ने बताया कि यदि यह बदलाव किया जाता है, तो उदाहरण के लिए 50 राजधानी ट्रेनों में यात्रियों के लिए एसी-थ्री के 14,400 अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि एसी द्वितीय श्रेणी के कोच के कारण रेलवे को भारी नुकसान हुआ है, जबकि एसी-थ्री में बर्थ की ज्यादा मांग रहती है।

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उन्होंने कहा कि वातानुकूलित श्रेणी में एसी-थ्री दरअसल पैसा बनाने वाली मशीन है। इसके करीब 8.5 करोड़ यात्री सालाना यात्रा करते हैं, जबकि एसी के अन्य सभी श्रेणियों एसी-1, 2 और चेयर कार में महज साढ़े पांच करोड़ यात्री ही सालाना सफर करते हैं। सीएजी की उस आलोचना के बाद रेलवे ने इस पर विचार किया है, जिसमें कहा गया था कि एसी द्वितीय श्रेणी का किराया हवाई जहाज के किराये के बराबर है।

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रेलवे जल्द ही प्रीमियम ट्रेनों के किराये में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। बदलाव के अनुसार प्रीमियम ट्रेनों के यात्रियों को जल्द ही एक बड़ी राहत मिल सकती है, जिसके बाद उन्हें ज्यादा किराया नहीं देना होगा। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इन ट्रेनों में सफर कर सकेंगे।

यह हो सकता है बदलाव

रेलवे जल्द ही शताब्दी, राजधानी और दुरंतो में सफर करने वाले यात्रियों को सौगात दे सकता है। इसके अनुसार फ्लेक्सी फेयर वाली ट्रेनों में हमसफर ट्रेनों का किराया मॉडल लागू किया जा सकता है। फ्लेक्सी फेयर और हमसफर ट्रेनों के किराये मॉडल में काफी अंतर है।

हमसफर ट्रेनों में 50 फीसदी सीटों पर किराया सामान्य रहता है। रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद ने संकेत देते हुए कहा कि शेष बची 50 फीसदी बर्थ की बुकिंग के साथ 10-10 फीसदी किराया बढ़ता जाएगा।

वहीं फ्लेक्सी फेयर में हवाई जहाज की तरह दिन कम होने के साथ-साथ किराया बढ़ता जाता है। मतलब अगर यात्री एक महीने पहले टिकट बुक कराता है तो फिर सामान्य किराये में टिकट बुक होगा, लेकिन 2 दिन पहले टिकट बुक करने पर ज्यादा पैसा देना ही होगा, चाहे ट्रेन में ज्यादातर सींटे खाली हों।

रेलवे इस तरह का फार्मूला इसलिए लेकर के आना चाहता है, ताकि उसकी आय प्रभावित न हो। अभी फ्लेक्सी फेयर से रेलवे को सबसे ज्यादा आय होती है, लेकिन इससे किराया हवाई किराये के बराबर पहुंच जाता है। जिससे यात्री अब इन ट्रेनों में सफर करने से भी बचने लगे हैं।

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