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छिनी जाएगी एशियाई तीरंदाजी की मेजबानी

एशियाई खेलों में बुरे प्रदर्शन के बाद अब टोकियो ओलंपिक के लिए भारतीय तीरंदाजों को बड़ा झटका लगने जा रहा है। वर्ल्ड आर्चरी एशिया (डब्ल्यूएए) दिल्ली में अगले वर्ष अक्टूबर में होने वाली ओलंपिक क्वालिफाइंग एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी भारत से छीनने जा रहा है। कारण है कि खेल मंत्रालय ने आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया को प्रतिबंधित कर रखा है।

अब वर्ल्ड आर्चरी और डब्ल्यूएए खेल मंत्रालय और आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया से चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए गारंटी मांग रहे हैं, लेकिन दोनों ने ही उन्हें कोई जवाब नहीं दिया है। नतीजन सोमवार को जकार्ता में होने वाली डब्ल्यूएए कांग्रेस में भारत से इस चैंपियनशिप की मेजबानी का प्रस्ताव रख दिया गया है। थाईलैंड, चीन, बांग्लादेश, ईरान ने भारत के बदले इस बेहद महत्वपूर्ण चैंपियनशिप की मेजबानी मांगी है। थाईलैंड को मेजबानी सौंपने पर आम सहमति बन चुकी है। बस इस पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।

डब्ल्यूएए के प्रथम उपाध्यक्ष काजी रजीबुद्दीन अहमद चापोल ने अमर उजाला से खुलासा किया कि उन्होंने बहुत कोशिश की कि यह चैंपियनशिप भारत में आयोजित हो, लेकिन उन्हें यही नहीं मालूम है कि वह भारत में किससे बात करें। फेडरेशन प्रतिबंधित है। उन्हें वर्ल्ड आर्चरी ने इस बारे में बात करने के लिए भारत भी भेजा। बीते माह वह दिल्ली में थे। उन्होंने खेल मंत्रालय की ओर से बिठाए गए एएआई के प्रशासक पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से मिलने की कोशिश की, लेकिन वह दिल्ली में नहीं थी। फिर वह खेल मंत्रालय के कुछ अधिकारियों से मिले।

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उन्होंने यही कही कि समय बहुत कम है अगर वह यह चैंपियनशिप आयोजित कर सकते हैं तो उन्हें लिखित में गारंटी देनी होगी। उन्हें गारंटी देने की बात कही गई, लेकिन आज तक उन्हें मंत्रालय का कोई पत्र नहीं मिला है। उन्होंने इस मामले की जो हकीकत है उस पर रिपोर्ट वर्ल्ड आर्चरी को सौंप दी है। अब डब्ल्यूए कांग्रेस मेजबानी पर अंतिम फैसला लेगी। चापोल खुलासा करते हैं कि भारत की मेजबानी बच सकती थी, लेकिन एएआई का कांग्रेस में भाग लेने के लिए कोई भी प्रतिनिधि नहीं आ रहा है। जो मेजबानी छिनने के प्रस्ताव का विरोध कर सके। वह दिल से चाहते हैं कि भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी करे लेकिन कम से कोई गारंटी तो देने वाला होना चाहिए।

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चैंपियनशिप होने पर भारत होता ओलंपिक कोटे का दावेदार
इस चैंपियनशिप केजरिए टॉप तीन देशों की टीमों को टोकियो ओलंपिक में खेलने का कोटा मिलना था। एएआई के एक पदाधिकारी का कहन है कि उन्हें मालूम है मेजबानी छिनने जा रही हैए लेकिन वह कुछ नहीं कर सकते हैं। अब ओलंपिक क्वालिफाई करने के लिए दूसरे देशों में दबाव के बीच खेलने के धक्के खाने होंगे।

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