Friday , November 16 2018
Loading...
Breaking News

27 घंटे बाद मांगें पूरी होने के आश्वासन पर टावर से उतरा हवा सिंह

27 घंटे बाद मांगें पूरी होने के आश्वासन पर टावर से उतरा हवा सिंह, हत्या के प्रयास व सार्वजनिक संपत्ति नष्ट करने के आरोप में जेल भेजा

-बीएसएनएल एसडीओ की शिकायत पर आर्य नगर पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ केस
-पीजीआई में काउंसिलिंग व सिविल अस्पताल में मेडिकल करा ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष किया पेश
-प्रशासन से शस्त्र लाइसेंस व 51-51 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर दूसरी बार टावर पर चढ़ा था पिता

Loading...

रोहतक। लघु सचिवालय के पास बीएसएनएल के 328 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा हवा सिंह रविवार सुबह 10 बजे 27 घंटे बाद नीचे उतरा। टावर पर चढ़े रहे हवा सिंह को पुलिस व प्रशासन की ओर से मांगें पूरी होने का आश्वासन देकर मनाया गया। नीचे उतरने के बाद उसे प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में पीजीआई के मनोरोग विभाग ले जाया गया। यहां उसकी जांच व काउंसिलिंग के बाद सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। बीएसएनएल एसडीओ के बयान पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

loading...

यह है मामला
इंदिरा कॉलोनी निवासी होटल संचालक हवा सिंह के बेटे विशाल व राहुल की 23 अक्टूबर को हत्या हुई थी। इसके बाद से पीड़ित पिता अपने बेटों की हत्या के मामले में मुआवजे, परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग कर रहा है। अपनी मांगों को लेकर हवा सिंह शनिवार सुबह करीब सात बजे बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गया। वह एक बैग में तीन दिन का खाना-पानी भी साथ ले गया था। उसके टावर पर चढ़ने की सूचना मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन ने उसे उतारने का काफी प्रयास किया, मगर देर रात भी वह नहीं माना। प्रशासन ने रविवार सुबह दस बजे उसे समझा-बुझाकर टावर से नीचे उतारा। सभी मांगें मानने का आश्वासन भी दिया गया।

टावर पर चढ़ने से सबका इनकार, सत्यवान व बिट्टू ने दिखाया हौसला
टावर पर चढ़े हवा सिंह के ऊपर से सामान फेंके जाने से कर्मचारी घबरा गए। ऊपर से फेंकी गई भारी चीजें उन्हें गंभीर चोटें दे सकती थी। इसलिए किसी ने भी ऊपर चढ़ने का साहस नहीं किया। एएसआई सत्यवान व फायरमैन बिट्टू ने हिम्मत दिखाते हुए टावर पर चढ़ने का फैसला लिया। वे धीरे-धीरे ऊपर चढ़े। इस बीच उससे बात करते रहे। ऊपर जाकर भी उसे समझाया और किसी तरह नीचे लाने पर राजी किया। इन दोनों कर्मचारियों का हौसला काबिले तारीफ है। इनके प्रयास से ही 27 घंटे बाद हवा सिंह नीचे उतरा।

आश्वासन के बाद आया नीचे

पुलिस हिरासत में हवा सिंह ने बताया कि उसके और प्रशासन के बीच में सागर सिंह सैनी ने मध्यस्थता से बात कराई। इस दौरान पुलिस कप्तान से शस्त्र लाइसेंस देने पर गंभीरता से विचार किए जाने की बात कही थी। मुआवजा के मसले पर शासन को अवगत कराकर प्रशासन पैरवी करेगा। इस आश्वासन के बाद ही वह टावर से नीचे उतरने को तैयार हुआ। उसे अपनी जान का खतरा है। इसलिए शस्त्र लाइसेंस चाहिए।

वर्जन :
टावर पर चढ़े हवा सिंह से फोन के जरिए बातकर उसे बैठकर बातचीत करने के लिए कहा गया था। शस्त्र लाइसेंस पर गंभीरता से विचार करने की बात नहीं हुई। टावर से उतरने पर पहले पीजीआई में उसकी काउंसलिंग व सिविल अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। बीएसएनएल के एसडीओ गौरव मित्तल ने उसके खिलाफ शिकायत दी थी। कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यहां से न्यायाधीश ने उसे जेल भेज दिया।

Loading...
loading...