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    Categories: क्राइम

आखिर कैसे खाली प्लाट बन रहे सिरदर्द

शहर में सात हजार के करीब खाली प्लॉट पड़ोसियों का सिरदर्द बन गए हैं। बारिश का पानी न केवल प्लॉटों में सड़ रहा है, बल्कि मच्छर भी पैदा हो रहे हैं। निगम प्रशासन ने खाली प्लॉट मालिकों पर मिट्टी का भरत व चारदीवारी न कराने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की थी, लेकिन यह कार्रवाई फाइलों से बाहर नहीं आ सकी।

केंद्रीय पर्यावरण सर्वेक्षण अभियान के तहत फरवरी व मार्च माह में नगर निगम में स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया। इसके चलते जनवरी में निगम प्रशासन की तरफ से सफाई अभियान चलाया गया। इसमें खाली प्लॉटों में पड़े कूड़ा व कर्कट को हटाने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही तय हुआ कि जो प्लॉट मालिक मिट्टी डालकर भरत नहीं करेगा और चारदीवारी नहीं मिली, उसे पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बावजूद न मानने पर एक हजार रुपये का जुर्माना और बाद में 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। नोटिस देने की जिम्मेदारी प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच को सौंपी गई, क्योंकि प्रॉपर्टी एक्ट के तहत खाली प्लॉट मालिक के लिए भी टैक्स जमा करवाना अनिवार्य है।

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निगम की तरफ से टैक्स ब्रांच ने पांच हजार प्लॉट मालिकों को नोटिस दे दिया, लेकिन करीब दो हजार ऐसे प्लॉट मिले, जिनके बारे में पड़ोसियों तक को पता नहीं। प्लॉट किसके हैं। साथ ही बताया गया कि प्लॉट लंबे समय से खाली पड़े हैं। उस समय राजस्व विभाग से रिकॉर्ड लेने का फैसला किया गया, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ी।

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वर्जन
प्लॉट मालिकों को दोबारा से नोटिस दिए जाएंगे। इसके लिए पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। निगम की तरफ से पहले भी नोटिस जा चुके हैं।

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