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ट्रंप प्रशासन की ओर से एच-1बी वीजा नियमों में किए जा रहे परिवर्तन 

अमेरिका की शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने चेताया है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से एच-1बी वीजा नियमों में किए जा रहे परिवर्तन से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा.
 बिजनेस राउंड टेबल संस्था ने होमलैंड सुरक्षा विभाग के सचिव क्रिस्टन नीलसन को लेटर लिखकर बोला है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1 बी वीजा नियमों में परिवर्तन से कामगारों की संख्या में कमी आएगी. इसका राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.

इन लोगों ने किए हस्ताक्षर 

लेटर पर एप्पल के सीईओ टिम कुक, जेपी मोर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन, कोका कोला के जेम्स क्वीनी  आईबीएम के गिनी रोमेटी समेत 59 शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने हस्ताक्षर किए हैं. आव्रजन नीति में परिवर्तन के कारण अमेरिका में एच-1 बी वीजा पर कार्य करने वाले पांच लाख इंडियन अपने भविष्य को लेकर आशंकाओं में घिर गए हैं.

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वाशिंगटन की संस्था बिजनेस राउंड टेबल से अमेरिका की ज्यादातर कंपनियों के शीर्ष ऑफिसर जुड़े हैं. संस्था ने बोला कि अगर गवर्नमेंट बिना स्पष्टीकरण के कामगारों को तत्काल राष्ट्र छोड़ने के लिए मजबूर करती है तो इनमें कई लोग बिना नोटिस के किसी भी समय अपने परिवारों के साथ दूसरे राष्ट्रमें जाकर बस जाएंगे. कामगारों की कमी के चलते नौकरियों में रिक्तियों की संख्या ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच रही है. लिहाजा यह समय कुशल कर्मचारियों की पहुंच को सीमित करने के लिए उपयुक्त नहीं है.

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अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों में बढ़ गई है बेचैनी

लेटर में लिखा है कि फिल्हाल गवर्नमेंट आव्रजन नियमों की समीक्षा कर रही है. पेप्सिको की चेयरमैन और सीईओ इंद्रा नूई, मास्टरकार्ड के अध्यक्ष और सीईओ अजय बंगा  सिस्को सिस्टम्स के चेयरमैन और सीईओ चक रोबिंस ने लेटर में बोला है कि आव्रजन नीति में अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों में बेचैनी है. हम चाहते हैं कि गवर्नमेंट एच-1 बी वीजा नियमों में परिवर्तन करने से बचे ताकि यहां रह रहे कामगारों को कठिनाई नहीं हो.

ट्रंप ने बोला था, अमेरिकी नागरिकों को देंगे प्राथमिकता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकाल संभालते ही साफ कर दिया था कि उनका प्रशासन नौकरियों में अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देगा. ट्रंप के निर्णय से पांच लाख हिंदुस्तानियों को झटका लगा था, जो एच-1 बी वीजा पर वहां कार्य कर रहे हैं. एच-1 बी वीजा के तहत ही अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता श्रेणी में किसी विदेशी कामगारों को वीजा देती हैं.

59 में 46 कंपनियां हैं लिस्टेड

पत्र लिखने वाली 59 कंपनियों में से 46 लिस्टेड कंपनियां हैं, जिनका बाजार कैप करीब 400 लाख करोड़ रुपये है. उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियां अस्पष्ट हैं, जो विकास के लिए सही नहीं है.
ये प्रमुख कंपनियां

कंपनी                       मार्केट कैप (लाख करोड़ रुपये) 
एप्पल                             72.71
जेपी मॉर्गन                      26.95
जे एंड जे                        25.34
वीसा आईएनसी               22.40
बीओए                           21.60
एटीएंडटी                       16.57
सिस्को                           15.19
मास्टरकार्ड                     15.16
कोका-कोला                   13.58
पेप्सीको                         11.06
ये भी: अमेरिकन एक्सप्रेस अमेरिकन एयरलाइंस बोस्टन कंस्लटिंग ग्रुप  एचपी मैरियट इंटरनेशनल आदि.

हर वर्ष 65 हजार लोग पहुंच रहे यूएस

2016-17 में 74.2 प्रतिशत  2017-18 में 75.6 प्रतिशत एच1बी वीजा हिंदुस्तानियों को मिले. दूसरे नंबर पर चाइना को क्रमश: 9.3 प्रतिशत  9.4 प्रतिशत वीजा मिले थे. 2016 में एच1बी वीजा वाले 2,56,226 इंडियन अमेरिका में रह रहे थे, 2017 में 2,76,423 हो गए.  नेशनल एकेडमिक्स ऑफ साइंस  इंजीनियरिंग एंड मेडिसिन के अनुसार, 2015 से 2016 तक इमिग्रेंट्स ने इकोनॉमी में 140 लाख करोड़ रु का सहयोग दिया. यह अमेरिका की जीडीपी का 11 प्रतिशत है.

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