Friday , November 16 2018
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70 कंपनियों के विरूद्ध जल्द ही दिवालिया कार्रवाई प्रारम्भ… 

एनपीए यानि फंसे कर्ज से जूझ रहे बैंक अब 70 कंपनियों के विरूद्ध जल्द ही दिवालिया कार्रवाई प्रारम्भ करने जा रहे हैं. इन कंपनियों पर बैंकों का करीब 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिया था आदेश

इंडियन रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को इसी वर्ष फरवरी में एनपीए को कम करने के लिए ऐसी कंपनियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था. फिल्हाल 60 कंपनियों के विरूद्ध इसी सप्ताह से कार्रवाई प्रारम्भ हो जाएगी.

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12 फरवरी को जारी किए सर्कुलर में बैंकों को 180 दिनों का समय दिया गया था. नया नियम 1 मार्च से लागू हुआ  180 दिनों का समय 27 अगस्त को पूरा हो जाएगा. इसके बाद बैंकों को इनके विरूद्धदिवालिया कार्रवाई प्रारम्भ करनी पड़ेगी. रिजर्व बैंक ने पिछले वर्ष दिवालिया कार्रवाई के लिए बैंकों को 40 कंपनियों की सूची भेजी थी. इन पर करीब चार लाख करोड़ का कर्ज बकाया था.

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75 कंपनियों के साथ वार्ता जारी

सूत्रों के मुताबिक पहली मार्च को एक दिन से ज्यादा डिफॉल्ट करने वाली 75 कंपनियों के साथ बात जारी है. पर सप्ताह भर में बहुत कम कंपनियों का निवारण निकलने की उम्मीद है. पहली मार्च को 81 कंपनियों ने डिफॉल्ट किया था. इनमें 38 क्षमता सेक्टर की हैं. बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के अनुसार बिजली कंपनियों पर 2.6 लाख करोड़ कर्ज बकाया है.

525 कंपनियों पर चल रही है कार्रवाई 

अगर कंपनी कर्ज लौटाने में एक दिन का भी डिफॉल्ट करती है तो बैंक को निवारण के लिए तत्काल कदम उठाना पड़ेगा. 2,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कर्ज वाली कंपनी के कर्ज का निवारण 180 दिनों में नहीं निकला तो बैंक को उसके विरूद्ध एनसीएलटी में याचिका दायर करनी पड़ेगी.

यह हैं वो खाते

बैंक                          एनपीए खाते
एसबीआई                   40
आईडीबीआई              40
आईसीआईसीआई        32
पीएनबी                      35
एक्सिस बैंक                23
बैंक ऑफ बड़ौदा         20
यूनियन बैंक                18
बैंक ऑफ इंडिया           8

बैंकों के घाटे में बढ़ोतरी होगी
दिवालिया कार्रवाई प्रारम्भ होने से प्रोविजनिंग बढ़ने से बैंकों के मुनाफे पर भी खासा प्रभाव पड़ेगा.रिजर्व बैंक के नियम के मुताबिक इन खातों में सिक्योर्ड लोन के 50 प्रतिशत  अनसिक्योर्ड लोन के 100 प्रतिशत रकम के बराबर प्रोविजनिंग महत्वपूर्ण है.

अनिल अंबानी की आरकॉम भी शामिल

जिन कंपनियों के विरूद्ध कार्रवाई प्रारम्भ हो सकती है उनमें अनिल अंबानी समूह की रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस डिफेंस एंड इंजीनियरिंग (अब रिलायंस नेवल), पुंजलॉयड, बजाज हिंदुस्तान, मुंबई रेयान, जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर, रोल्टा इंडिया, श्रीराम ईपीसी, ऊषा मार्टिन, एस्सार शिपिंग गीतांजलि जेम्स शामिल हैं. गीतांजलि जेम्स नीरव मोदी के मामा मेहुल चौकसी की कंपनी है.

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