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हार्दिक पटेल ने अपने घर पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर दी प्रारम्भ

पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने अपने घर पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारम्भ कर दी है. पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर किए जा रहे इस अनशन में कांग्रेस पार्टी के भी तीन पाटीदार नेता शामिल हुए है.
 इनके नाम हैं ललित कथगरा, ललित वसोया  किरीट पटेल. वहीं हार्दिक के अनशन के चलते जूनागढ़ में धारा 144 लगा दी गई है.

इससे पहले हार्दिक ने गुजरात पुलिस पर खुद को नजरबंद करने का आरोप लगाया था  बोला था कि करीब 80 पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर बिना वर्दी के घूमते हैं. साथ ही वह उनके घर में कौन आ  जा रहा है इस बात की भी पूरी निगरानी करते हैं. उन्होंने बोला था कि अनशन तो होकर रहेगा जिसे अब वह अपने घर से प्रारम्भ कर चुके हैं.

हार्दिक घर पर इसलिए अनशन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसके लिए राज्य गवर्नमेंट  लोकल प्रशासन ने इजाजत नहीं दी है. अनशन से पहले शुक्रवार को उन्होंने बोला था कि अगर प्रशासन से उन्हें अनुमति नहीं मिलती  उनकी जमानत रद्द होती है फिर भी वह अपना ये निर्णय नहीं बदलेंगे  अनशन करेंगे. इसी बीच अब हार्दिक के घर के बाहर बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किया गया है. उनके घर में आने जाने वाले हर शख्स से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है.

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मुख्यमंत्री को भी लिख चुके हैं पत्र

उनके अनशन के चलते जूनागढ़ के कलेक्टर ने पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी है. वहीं सार्वजनिक स्थानों पर भी चार से ज्यादा लोगों पर रोक लगाई गई है. हार्दिक ने बोला कि कानून व्यवस्था गवर्नमेंट की जिम्मेदारी है.
इससे पहले हार्दिक ने गुजरात के CM विजय रूपाणी को लेटर लिखकर 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन के लिए अनुमति को लेकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी. उन्होंने रूपाणी को बोला था कि लगातार अनुरोधों के बाद भी प्रशासन ने न तो पुलिस की अनुमति दी है न ही उन्हें प्रदर्शन के लिए कहीं स्थान मुहैया कराई है.

बताते चलें कि आज से तीन वर्ष पहले 25 अगस्त वर्ष 2015  को गुजरात में पाटीदार आंदोलन हुआ था जिसके कारण पूरे राज्य में बहुत ज्यादा उपद्रव हुआ था. उस वक्त सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया था. जिस कारण 14 लोगों की मौत हो गई थी.

इससे पहले हार्दिक ने गुजरात के CM विजय रूपाणी को लेटर लिखकर 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन के लिए अनुमति को लेकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी. उन्होंने रूपाणी को बोला था कि लगातार अनुरोधों के बाद भी प्रशासन ने न तो पुलिस की अनुमति दी है न ही उन्हें प्रदर्शन के लिए कहीं स्थान मुहैया कराई है.

बताते चलें कि आज से तीन वर्ष पहले 25 अगस्त वर्ष 2015  को गुजरात में पाटीदार आंदोलन हुआ था जिसके कारण पूरे राज्य में बहुत ज्यादा उपद्रव हुआ था. उस वक्त सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया था. जिस कारण 14 लोगों की मौत हो गई थी.

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