Wednesday , February 20 2019
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अब से हर रविवार ट्रेनें होंगी घंटों लेट, आखिरे क्या है इसकी बड़ी वजह

अगर आप रविवार को ट्रेन से सफर करने का प्लान कर रहे हैं, तो इसको टाल दें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन पूरे देश में ट्रेनें घंटों के हिसाब से लेट होगी, जिससे आप के कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो सकते हैं। रेल मंत्रालय ने एक फैसला लिया है जिसका असर देश में चल रहीं सभी प्रीमियम, मेल/एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों पर पड़ेगा।

अब से हर रविवार को रहेगा मेगा ब्लॉक

हर रविवार को देश की सभी रेल लाइन और रूट की मरम्मत के लिए मेगा ब्लॉक रहेगा। सरकार ने एक पॉलिसी तैयार की है जिससे हर सप्ताह रविवार को 5 से 8 घंटे के लिए रेल लाइन को ब्लॉक कर दिया जाएगा। ये सभी ट्रेनों और सभी रूटों पर होगा। रेलवे का दावा है कि इससे बाकी दिनों में ट्रेनें लेट नहीं होंगी।

बाकी दिनों में नहीं लिया जाएगा ब्लॉक

रेलवे पटरियों को सुधारने के लिए कई जगह मेगा ब्लॉक लेती है। हालांकि इसके लिए पहले से अखबारों में विज्ञापन और सोशल मीडिया के जरिए पहले से सूचना दे दी जाती है, जिससे ट्रेनों का परिचालन का समय आगे या फिर पीछे किया जाता है।

इससे रेल यात्री पहले से तैयार रहते हैं। कई बार लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के यात्रियों को बीच यात्रा में इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब सोमवार से लेकर के शनिवार तक किसी भी तरह का ब्लॉक नहीं लिया जाएगा।

रेलवे ने लिया देरी से चलने वाली ट्रेनों के लिए यह फैसला

देरी की स्थिति में समय की भरपाई के लिए अधिकतम अनुमति वाली गति से ट्रेन चलाने के लिए रेल मंत्रालय ने चालकों को कहा है। नए दिशानिर्देश साल 2000 में जारी एक आदेश का स्थान लेंगे, जिसमें कहा गया था कि समय पर होने के बावजूद ट्रेनों को अधिकतम अनुमति गति (एमपीएस) से चलाया जाएगा।

दरअसल ओवर स्पिडिंग की डर से लोको पायलट एमपीएस पर ट्रेन चलाने से बचते हैं और इसी वजह से रेलगाड़ियां लेट हो जाती हैं। गौरतलब है कि स्वीकृत गति से अधिक पर ट्रेन चलाने पर दंड का प्रावधान है।

यह था पहले नियम

मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा 110 किमी प्रति घंटा है लेकिन वे औसतन 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं। राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के लिए अधिकतम अनुमति गति सीमा 130 किमी प्रति घंटा है जबकि वे औसतन 80 से 90 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ती हैं। बता दें कि इस साल करीब 30 फीसदी ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

यात्रियों को तब भी भुगतना होगा खामियाजा

हालांकि रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को तब भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि लंबी दूरी की जो ट्रेनें आएंगी या फिर जाएंगी वो भी लेट होंगी। शनिवार को जो ट्रेनें चलकर रविवार या फिर सोमवार को पहुंचती हैं वो भी रास्ते में लेट हो जाएंगी। इससे अगले दिनों में भी यह लेट हो सकती हैं। इसलिए हमारी राय है कि आप शनिवार से लेकर के सोमवार तक ट्रेन से सफर करने में थोड़ी सी सावधानी रखें।

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