X
    Categories: क्राइम

ड़पता रहा मरीज, अस्पताल में नहीं मिले डॉक्टर

पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में बुधवार सुबह गांव सुल्तानपुर छन्ना के रहने वाले एक किसान लाल सिंह (52) की मौत हो गई। किसान के छोटे भाई वकील दलवारा सिंह और किसान के बेटे लखविंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि जब लाल सिंह की सुबह तबीयत खराब हुई तो संबंधित डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। दो घंटे तड़पने के बाद लाल सिंह की मौत हो गई। वकील दलवारा सिंह ने डॉक्टरों की इस लापरवाही के खिलाफ अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को शिकायत दी है।

वकील दलवारा सिंह ने बताया कि लाल सिंह के पेट में इंकेक्शन था। इस कारण उसे 20 अगस्त की रात को सरकारी राजिंदरा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड नंबर एक में दाखिल करवाया गया था। 21 अगस्त को लाल सिंह की एंडोस्कोपी करवाई गई और फिर उन्हें 12 नंबर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बुधवार सुबह करीब 6 बजे किसान लाल सिंह की हालत काफी खराब हो गई।

परिवार के लोगों ने काफी शोर मचाया कि कोई डॉक्टर आकर लाल सिंह को जल्द देखें। उस समय मौके पर कोई भी संबंधित डॉक्टर नहीं था। जिस जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर की वार्ड में ड्यूटी थी, वह भी मौके पर नहीं था। मरीज तड़पता रहा जबकि परिवार वाले डॉक्टर को इधर-उधर तलाश कर रहे थे। इसी बीच इलाज के बिना तड़पते-तड़पते लाल सिंह की मौत हो गई।

Loading...

बेटे लखविंदर सिंह का आरोप है कि उनके पिता सुबह छह बजे से आठ बजे तक तड़पते रहे लेकिन उन्हें कोई इलाज नहीं मिला। परिवार वालों ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ बनती कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंधी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को भी एक शिकायत दी है।

loading...
Loading...
News Room :