Wednesday , November 14 2018
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कार चलाते वक्त आती है नींद तो हो जाइए सर्तक कही आपको ये दिक्कत तो नहीं

अब कार चलाते वक्त ड्राईवर के पलक झपकने की वजह से हो रही र्दुघटनाओ से काफी हद तक निजात पाया जा सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एम्बेडेड सेंसर बनाया  है। जो ड्राईवर की  सारी गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके द्वारा ड्राईवर के सुस्त दिखते या नींद में होने की आशंका लगते ही एक अर्लाम बजेगा। जिसे वेक अप कॉल कहा जा सकता है।

यह सेंसर कार चालक के ह्रदय की विद्युत गतिविधियों पर नजर रखेगा। इस प्रोसेस को कैपेसिटिव इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (सीईसीजी) कहा जाता है। हालांकि, यह डॉक्टर के क्लिनिक में होने वाले नियमित ईसीजी से बिल्कुल विपरीत है। इसे इस्तेमाल करने के लिए शरीर में अटकाने की जरूरत नहीं है।  कार की ड्राईविंग सीट पर फिट करके इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

दुर्घटना और आपातकालीन पहल तमिल नायडू के सलाहाकार वैकटेशबाला सुब्रमंनियम ने बताया कि ‘ड्राईवर का पलक झपकना देश में होने वाली र्दुघटनाओ को बढ़ावा देता है। और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी काफी समय से र्दुघटनाओं को नियंत्रित करने का कोई सरल उपाय चाहती थी। और अब मैन्युफैक्चरिंग कंपनिया इस सेंसर के जरीये ड्राईवर को अलर्ट कर सकेंगी’।

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गौरतलब हो कि जनवरी से जून 2018 के बीच राज्य गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तमिलनाडु में 33,026 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। जिसमें 6,510 लोग मारे गए और 3,044 लोग घायल हुए।

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भारत में एक वर्ष में यातायात दुर्घटनाओं में लगभग 150,000 से ज्यादा लोग की मृत्यु हो जाती है।

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