Wednesday , September 26 2018
Loading...
Breaking News

अगले साल आ रही है ह्यूंडई की इलेक्ट्रिक एसयूवी

कार बनाने वाली देश की दूसरी बड़ी कंपनी ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) अगले साल की दूसरी छमाही में अपनी इलेक्ट्रिक कार भारतीय बाजार में उतार देगी, हालांकि फिलहाल इसे पूर्ण रूप से भारत में नहीं बनाया जाएगा।

यह बात कंपनी के एमडी एवं सीईओ वाईके कू ने शुक्रवार को यहां कही। इसी के साथ कंपनी ने कहा है कि वह अपनी बहु प्रतीक्षित कंपैक्ट हैचबैक कार एएच2 इस साल दिवाली से पहले बाजार में उतार देगी। कंपनी के भारत में 20 साल पूरे होने के बाद अगले 20 साल की योजना पर बात करते हुए कू ने बताया कि ह्यूंडई के अब भविष्य के सभी वाहन मॉडर्न व प्रीमियम सेगमेंट होंगे।

अलग-अलग पूर्जों में होगा ई-कार का आयात

Loading...

वाईके कू ने बताया कि कंपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी बाजार में लाएगी। इसे कंप्लीटली नॉक्ड डाउन (सीकेडी) रूप में यानी, अलग-अलग हिस्सों और पुर्जों में आयात कर इसे भारतीय प्लांट में असेंबल किया जाएगा।

loading...

उन्होंने बताया कि इस समय ई-वाहन के साजो-सामान की कीमत काफी ज्यादा पड़ रही है और भारत सरकार की तरफ से ई-वाहन पर अभी तक नीति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसलिए तब तक सीकेडी से ही काम चलाया जाएगा।

दिवाली से पहले आएगी एएच2

उन्होंने बताया कि इसी साल दिवाली से पहले भारतीय बाजार में कंपनी की एएच2 कार आ जाएगी। हालांकि इस कार का अभी तक नाम तय नहीं हुआ है। इस बारे में आम जनता से भी पूछा जाएगा कि इसका नाम क्या हो। इसके लिए आगामी 16 अगस्त से एक अभियान चलाया जाएगा।

यह पूछे जाने पर कि एएच2 कार क्या सैंट्रो का ही आधुनिक वर्जन होगा, उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह कंपनी की एक बेहतरीन कार होगी, जो कि सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसके बाद एक लक्जरी एसयूवी को भी भारतीय बाजार में उतारा जाएगा। वर्ष 2020 तक ह्यूंडई के आठ नए मॉडल बाजार में आएंगे।

ई-वाहन पर कम हो जीएसटी

एचएमआईएल के एमडी एंड सीईओ का कहना है कि भारत में ई-वाहन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर ज्यादा है। इसे कम किये जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही इसके लिए ढांचागत संरचनाओं का घोर अभाव है।

अभी तक महानगरों में भी पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पाये हैं। अन्य शहरों की तो बात ही छोड़ दें। इसलिए सरकार से इस बारे में शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की जाती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ई-वाहन से प्रदूषण नही होता, इसलिए इसके सीकेडी आयात पर आयात शुल्क भी कम किये जाने की आवश्यकता है।

चेन्नई प्लांट की क्षमता होगी 7.5 लाख वाहन

उन्होंने बताया कि इस समय चेन्नई प्लांट में हर साल 7.13 लाख वाहन बनाये जा रहे हैं जो कि क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग है। हालांकि कंपनी ने बिना किसी अतिरिक्त राशि के उपयोग से, सिर्फ वैल्यू इंजीनियरिंग पर ही फोकस कर प्लांट की उत्पादन क्षमता 7.50 लाख पर पहुंचाने की योजना बनाई है।

इस पर अमल किया जा रहा है और अगले साल कंपनी की उत्पादन क्षमता इतनी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 19 साल 9 महीने में ही कंपनी ने 80 लाख कारें बना ली हैं और 2021 की पहली छमाही में एक करोड़ कारों का आंकड़ा हासिल हो जाएगा।

Loading...
loading...