Wednesday , September 26 2018
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कैथोलिक गिरजाघरों में बढ़ रहे यौन शोषण के मामले

कैथोलिक गिरजाघरों में बच्चों के यौन शोषण के हजारों मामले प्रकाश में आने के बाद पोप फ्रांसिस द्वारा लिखे गए पत्र के बावजूद पीड़ित परिजन संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ितों ने पोप की आयरलैंड यात्रा के दौरान प्रदर्शन की तैयारी की है। इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार पर जबरदस्त दबाव है।
दुनिया भर के कैथोलिक गिरजाघरों में कई पादरियों और बिशपों के यौन शोषण से संबंधित गंभीर आरोपों के बीच पोप फ्रांसिस 26 अगस्त को आयरलैंड का दौरा करने वाले हैं। विरोध को देखते हुए कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धार्मिक नेता ने एक खुला पत्र भी लिखा जिसमें लिखा, शर्म और प्रायश्चित के साथ, हम स्वीकार करते हैं कि एक धार्मिक समुदाय होने के नाते हमें जहां होना चाहिए था, हम वहां नहीं हैं। हमने समय पर कार्रवाई नहीं की और इसकी गंभीरता को नहीं समझा। हमने यह नहीं जाना कि इसके चलते कितनी सारी जिंदगियों को नुकसान पहुंचा है।

दुनिया भर के 1.2 अरब कैथोलिक ईसाईयों को लिखे इस पत्र में पोप ने आम लोगों से साथ आने की अपील करते हुए लिखा कि हमें मिलकर मौत की इस संस्कृति को खत्म करना होगा। लेकिन आयरलैंड में इसके बावजूद कैथोलिक समुदाय में विरोध है, क्योंकि पोप ने यह नहीं बताया कि वह अपराधी पादरियों या बिशपों पर क्या कार्रवाई करेंगे। वे 26 अगस्त को डबलिन के फीनिक्स पार्क में प्रार्थना करेंगे जहां चर्च शोषण का शिकार लोग प्रदर्शन करेंगे। इन प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कॉम ओ गॉरमैन कर रहे हैं जो 1980 में पादरी के दुराचार के शिकार हैं।

चर्च को पता था कि भीतर क्या हो रहा है
करीब 38 साल पहले चर्च में पादरी का यौन शिकार हुए गॉरमैन ने बताया कि चर्च को उस वक्त पूरी तरह यह पता था कि भीतर क्या हो रहा है। इसके बावजूद अपराध जारी रहे। यही कारण रहा कि इसके बाद पूरी दुनिया में ऐसे अपराध सामने आए। अमेरिकी राज्य पेसिल्वेनिया की ग्रैंड ज्यूरी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 70 साल में करीब 300 पादरियों ने कम से कम 1000 बच्चों का यौन शोषण किया। लेकिन न तो पादरियों या बिशपों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न ही बच्चों को सुरक्षा मुहैया कराई गई।

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