Wednesday , November 21 2018
Loading...
Breaking News

दुष्कर्म के आरोपी को महज 7 घंटे में कोर्ट ने सुनाई सजा

मध्य प्रदेश में उज्जैन के जुवेनाइल कोर्ट ने बच्ची से दुष्कर्म के एक मामले में जबरदस्त तेजी दिखाते हुए महज 7 घंटे में आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी। जस्टिस तृप्ति पांडे ने सोमवार को दोषी को दो साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी को मध्य प्रदेश के सेओनी जिले के रिमांड होम भेजने का आदेश भी दिया।

सरकारी वकील दीपेंद्र मलु ने बताया कि 15 अगस्त को घटना होने के महज पांच दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने से लेकर जांच, आरोपपत्र दाखिल करना, सुनवाई और सजा सुनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। सोमवार सुबह 10.45 बजे कोर्ट को केस डायरी सौंपी गई। सुनवाई के बाद शाम 6 बजे कोर्ट ने फैसला सुना दिया। 2012 में पॉक्सो कानून लागू होने के बाद संभवत: यह पहला मामला है, जिसमें इतने कम समय में सजा सुनाई गई है।

सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि बच्चियों के खिलाफ यौन हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। इस मानसिक स्थिति को दुरुस्त करने के लिए दोषी को दो साल के लिए जेल भेज दिया जाए। उज्जैन के एसपी सचिन अतुलकर ने बताया कि घाटिया गांव में 15 अगस्त को बच्ची आरोपी के घर पर खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची ने अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने घाटिया थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।

Loading...

राजस्थान जाकर पुलिस ने दबोचा आरोपी
अतुलकर ने जांच और लड़के को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई। पुलिस टीम लड़के को राजस्थान से उसके एक रिश्तेदार के घर से पकड़कर उज्जैन ले आई। दोषी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो कानून के तहत सजा सुनाई गई। अतुलकर का मानना है कि फैसले से लोगों में कड़ा संदेश जाएगा।

loading...
Loading...
loading...