Tuesday , September 25 2018
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सुमित को छुड़ाने को लेकर हुए हंगामे के बाद पुलिस व ग्रामीणों के बीच हुई जमकर झड़प

रणजीतपुर चौकी में मारपीट के आरोपी रानीपुर निवासी सुमित को छुड़ाने को लेकर हुए हंगामे के बाद पुलिस व ग्रामीणों के बीच जमकर झड़प हुई। झड़प के दौरान ग्रामीणों ने हेड कांस्टेबल रणधीर सिंह व ई हेड कांस्टेबल मुनीश की वर्दी फाड़ दी। गुस्साए ग्रामीणों ने यहां पुलिस की तीन गाड़ियों पर पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। चौकी में आग लगाने की बात कहकर ग्रामीणों ने चौकी में खड़ी बाइक को आग लगा दी। आग चौकी में न फैल जाए, इससे पहले पुलिस कर्मियों ने आग को बुझाया।
झड़प के बाद ग्रामीण हवालात में बंद मारपीट के आरोपी को छुड़ा ले गए। झड़प में दो हेड कांस्टेबल सहित चार पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। पुलिस ने मामले में आम आदमी पार्टी के अंबाला लोकसभा प्रभारी अमरपाल आर्य व आरोपी युवक के परिजनों सहित नौ लोगों को नामजद करते हुए 30-35 ग्रामीणों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने नामजद नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार शाम को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड में फरार आरोपी सुमित के बारे में पूछताछ की जाएगी।

चौकी में की गई तोड़फोड़

बिलासपुर थाने के अंतर्गत रणजीतपुर चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल रणधीर सिंह ने बताया कि 11 जुलाई को रणजीतपुर अड्डे रानीपुर निवासी अकरम पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया गया था। मामले में 13 जुलाई को रानीपुर निवासी सुमित पर मारपीट का केस दर्ज किया गया था। गुरुवार शाम को वे सुमित को  गिरफ्तार करके चौकी में लाए और कमरे में बिठाकर उससे पूछताछ करने लगे। उसके साथ ई हेड कांस्टेबल मनीष कुमार भी थे।

तभी आम आदमी पार्टी के अंबाला लोकसभा प्रभारी रानीपुर निवासी अमरपाल आर्य, सुमित के पिता जय प्रकाश, ताया धर्म सिंह उर्फ धम्मु, रानीपुर निवासी काला, शेरगढ़ निवासी रिंकु व 20/25 अन्य लोगों के साथ लेकर डंडे व लाठियां लेकर पुलिस चौकी में आए।

आते ही आरोपी अमरपाल ने कहा कि आप सुमित को मेरे से बिना पूछे क्यों पकड़ कर लाए हो। आरोपियों ने सभी पुलिस कर्मियों के साथ बहस बाजी करने शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि कई बार सुमित को पेश करने को कहा गया, लेकिन आज तक सुमित को पेश नहीं किया गया। इतना कहते ही अमरपाल ने आवाज मारकर कहा कि सुमित को पुलिस हिरासत से छुड़ा लो और बाहर ले आओ, मैं देखता हूं कि हमें कौन रोकता है और जो भी हमारे सामने आएगा उसको जान से मार देंगे।

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पुलिस गिरफ्त में आरोपी

सभी पुलिस कर्मियों ने सुमित को छुड़ाने से आरोपियों को रोकना चाहा तो उनके साथ हाथापाई व धक्का मुक्की करने लगे। आरोपियों ने उसके व ई हैड कांस्टेबल मुनीष के साथ मारपीट करके उनकी वर्दी फाड़ दी और पुलिस हिरासत से सुमित को छुड़ा लिया। सुमित बाहर लोगों में से दौड़ गया। सुमित के बाहर आते ही अमरपाल ने अपने साथियों सहित चौकी में पथराव कर दिया।

चौकी के बाहर खड़ी सरकारी गाड़ी के पत्थर मारकर शीशे तोड़ दिए और पुलिस के खिलाफ नारे बाजी करनी शुरू कर दी। अमरपाल ने टेलीफोन करवा कर सुमित की माता राजेश व सुमित की ताई कमलेश व सुमित की दादी इंद्रो को बुला लिया और सुमित का चाचा बलजिंद्र व भाई महीपाल भी साथ आ गए।

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आरोप है कि इन्होंने भी चौकी में आकर उनके साथ गाली गलौच मारपीट व धक्का मुक्की की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पथराव के दौरान अमरपाल ने अपने साथियों को फिर कहा कि तेल डालकर पुलिस चौकी व वाहनों में आग लगा दो। कई लोगों ने चौकीं के आंगन में खड़ी माल मुकदमा की बाइक में आग लगा दी। चौकी में आग न फैल जाए, इस लिए पुलिस कर्मियों ने बड़ी मुश्किल से बाइक में लगी आग को काबू किया।

इस दौरान भी आरोपियों ने उन पर डंडे व लाठियां चलाने लगे। सूचना मिलने पर बिलासपुर थाना एसएचओ रमेश, डीएसपी आशीष चौधरी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया और घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया।

बिलासपुर पुलिस ने हेड कांस्टेबल रणधीर के बयानों पर अमरपाल सहित 11 लोगों को नामजद करते हुए 20-25 अन्य पर मारपीट, वर्दी फाड़ने, पुलिस चौकी में पथराव, वाहनों में आगजनी कर चौकी में आग लगाने का प्रयास करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मामले में सभी नामजद नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार शाम को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड में आरोपियों ने फरार आरोपी सुमित के बारे में पूछताछ की जाएगी। आशीष चौधरी, डीएसपी, बिलासपुर। 

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