Saturday , September 22 2018
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देखिए कैसे केजरीवाल का जन्मदिवस बना शोक दिवस

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अटल जी की तबियत खराब होने और उसके बाद उनका निधन हो जाने के कारण भले ही अपने जन्मदिन का कार्यक्रम रद्द कर दिया हो लेकिन दो दिन बाद भी उनके जन्मदिन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चीजें चल रही हैं।
उनका जन्मदिन वैसे तो उनके पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच खुशी की वजह था। लेकिन ऐसे कई लोग थे जो इसे शोक दिवस के रूप में मना रहे थे।

केजरीवाल के जन्मदिन के दिन यानी 16 अगस्त को दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के कुछ कर्मचारी धरने पर बैठे थे। इनमें से अधिकतर वो लोग थे जो मृतकों के आश्रित थे। यानी वो लोग जिनके परिवार में कोई डीटीसी में रहा होगा और उसकी मौत के बाद वो नौकरी के दावेदार हैं।

10-15 सालों से नौकरी का इंतजार

लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी इन लोगों को दिल्ली सरकार की ओर से नौकरी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से तो कई ऐसे थे जिन्हें 10-15 सालों से नौकरी का इंतजार है। कितनी सरकारें आईं और चली गईं लेकिन इन्हें आज भी नौकरी का इंतजार है।

इन्हीं लोगों ने मुख्यमंत्री केजरीवाल के जन्मदिवस को शोक दिवस के रूप में मनाया और सैकड़ों लोगों ने अपने बाल मुंडवा लिए। इन लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का जन्मदिन उनके लिए खुशी का दिन होगा लेकिन हमारे लिए ये शोक दिवस ही है क्योंकि वह अपना वादा नहीं पूरा कर रहे।

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