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एशिया प्रशांत समूह की पाक को चेतावनी

दुनिया की वित्तीय निगरानी संस्था एफएटीएफ के लिए काम करने वाले और पाक प्रतिबद्धताओं पर नजर रखने वाले एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह आतंकवाद का वित्तीय मदद बंद करे तथा मनी लांड्रिंग में लिप्त अपराधियों का प्रत्यर्पण करे। उसने पाक से कहा है कि वह आतंकवाद का वित्तपोषण बंद करे एवं मनी लांड्रिंग में जुटे अपराधियों का प्रत्यर्पण सुनिश्चित करे।

पाक अखबार ‘एक्प्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को बताया गया कि एशिया-प्रशांत समूह (एशिया पेसिफिक ग्रुप – एपीजी) ऑन मनी लांड्रिंग

फिलहाल पाकिस्तान में है और वह पेरिस स्थित फायनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) को एक रिपोर्ट पेश करेगा। एफएटीएफ ने जून में पाक को अपनी विशिष्ट ‘ग्रे सूची’ में शामिल किया था। एपीजी की यह मूल्यांकन रिपोर्ट अगले साल सितंबर के बाद पाकिस्तान को इस सूची में रखने या हटाने में अहम भूमिका निभा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने पाक से कहा है कि वह उचित कानून लागू करे और स्थानीय अधिकारियों को अधिकार दे कि वे अवैध संपत्ति जब्त कर आतंकवाद के वित्तपोषण व मनी लांड्रिंग में लिप्त लोगों के प्रत्यर्पण के लिए दूसरे देशों के अनुरोधों पर कार्रवाई कर सकें।

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प्रतिनिधिमंडल ने स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के फायनेंशियल मॉनिटरिंग यूनिट, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान, नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी, फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी के अधिकारियों और विदेश एवं गृह मामलों के मंत्रालयों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

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पाक को करनी ही पड़ेगी कार्रवाई

पाक को यदि ग्रे सूची से बाहर आना है तो अगले साल सितंबर के अंत तक उसे एफएटीएफ के आग्रह का अनुपालन करना होगा। इसके अलावा ग्रे सूची या काली सूची में शामिल होने से बचाने के लिए 10 सूत्री कार्ययोजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दर्शानी होगी। ग्रे सूची में किसी देश को शामिल किए जाने से उसकी अर्थव्यवस्था को तो नुकसान पहुंचता ही है साथ ही उसकी अंतरराष्ट्रीय साख पर भी असर पड़ता है।

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