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जब सचिन तेंदुलकर पर गुस्सा हुए अजित वाडेकर

अजित वाडेकर का बुधवार को 77 की उम्र में मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वाडेकर ने क्रिकेटर, कप्तान, कोच और चयनकर्ता के प्रमुख रूपों में भारतीय क्रिकेट की जमकर सेवा की। वह भारत के पहले वन-डे कप्तान भी रहे। वाडेकर के नेतृत्व में ही टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी, जो उनकी महानता का प्रमाण है।

वाडेकर के बारे में पूर्व भारतीय ओपनर सुनील गावस्कर से जानने को मिला कि अजित को उन्होंने कभी किसी पर उत्तेजक होते नहीं देखा। वह कह चुके हैं, अजित को मैंने कभी अपना आपा खोते नहीं देखा। उन्हें किसी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते नहीं देखा। मुझे लगता है कि भारतीय क्रिकेट के असली कैप्टन कूल वाडेकर ही थे।

बेशक, वाडेकर महान शख्सियत है, लेकिन एक बार वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से जरूर गुस्सा हुए थे। यह वाकया 20 फरवरी 1994 का है जब टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच वन-डे मैच जालंधर के बर्लटन पार्क स्टेडियम में खेला जा रहा था। तेंदुलकर ने बेहतरीन अर्धशतक लगाया और फैंस के मन में उम्मीद जगाई कि वह शतक पूरा कर सकते हैं। मगर ऐसा हुआ नहीं।

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बेहद परेशान थे अजित वाडेकर

तेंदुलकर 52 रन बनाने के बाद पवेलियन लौट आए। वह रनआउट हुए थे। तेंदुलकर के आउट होने का सबसे ज्यादा दुख तत्कालीन कोच अजित वाडेकर को ही हुआ था, जिन्होंने युवा बल्लेबाज से कड़क आवाज में सवाल पूछने के बाद अपना मुंह फेर लिया। चलिए आपको बताते हैं कि असली वाकया घटा क्या था।

दरअसल, श्रीलंका के कप्तान अर्जुना राणातुंगा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। भारतीय टीम को अजय जडेजा (37) और नवजोत सिंह सिद्धू (46) ने 83 रन की धीमी, लेकिन मजबूत शुरुआत दिलाई। टीम इंडिया का रनरेट तब अच्छा नहीं था। उसका बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल नजर आ रहा था। विनोद कांबली और प्रवीण आमरे भी जल्दी आउट हो गए।

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फिर सचिन तेंदुलकर क्रीज पर आए। उन्होंने शानदार शॉट्स लगाए और श्रीलंकाई गेंदबाजों की खबर लेना शुरू की। इधर, कोच अजित वाडेकर मैच की स्थिति देख परेशान दिख रहे थे। वह रनरेट धीमा होने की वजह से चिंतित थे। तेंदुलकर ने मैच की स्थिति को परखा और तेजी से रन जुटाने का प्रयास किया। मगर अर्धशतक जमाने के बाद वह ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं सके और रनआउट होकर पवेलियन लौट आए। मास्टर ब्लास्टर 63 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 52 रन बनाए। वह टीम के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर भी रहे।

कड़क आवाज में किया वो सवाल और फेर लिया मुंह

सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर
हालांकि, तेंदुलकर के रनआउट होने से वाडेकर बहुत परेशान हुए। उन्होंने तेंदुलकर के पवेलियन लौटते ही कड़क आवाज में सवाल किया- क्या हुआ? बल्लेबाज का जवाब आया कि रनरेट बढ़ाने के प्रयास में रनआउट हो गया। इसके बाद वाडेकर ने तेंदुलकर की ओर से मुंह फेर दिया था।

वाडेकर का मानना था कि सचिन को क्रीज पर जमे रहना था क्योंकि वह आठवें विकेट के रूप में आउट होकर लौटे थे। इस बीच उन्होंने अजहर (11), नयन मोंगिया (3), जवागल श्रीनाथ (7) को आउट होते देखा। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 213 रन बनाए।

वर्षाबाधित यह वन-डे मैच श्रीलंका ने चार विकेट से जीता। हालांकि, तीन मैचों की यह सीरीज भारत ने 2-1 से अपने नाम की थी। तेंदुलकर के प्रति वाडेकर का यह गुस्सा किसी गलत वजह से नहीं था। वह तेंदुलकर के आउट होने पर चिंतित थे और उनकी इस फटकार में एक सीख मौजूद थी, जो तेंदुलकर ने अच्छे से समझी। आज सचिन तेंदुलकर को ‘क्रिकेट का भगवान’ माना जाता है।

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