Wednesday , September 19 2018
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शिवराज सिंह चौहान का बयान: मध्य प्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाना है!

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां कहा कि राज्य को समृद्ध प्रदेश बनाना है, इसके लिए नागरिकों का सक्रिय सहयोग और भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गरीबों के हालात बदलने के लिए ‘संबल’ योजना लाई गई है। राजधानी के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में स्वाधीनता दिवस समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “नागरिकों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण होगा।”

चौहान ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो रहा है। नए भारत का निर्माण करने के लिए नए मध्यप्रदेश का निर्माण करना जरूरी है। हम बीमारू राज्य से प्रगतिशील और अब विकसित राज्य की ओर बढ़ रहे हैं। अब समद्ध मध्यप्रदेश बनाना है। मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आगे है। भरपूर बिजली है। भरपूर सिंचाई हो रही है। नर्मदा को गंभीर नदी से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद पार्वती और कालीसिंध नदियों से जोड़ा जाएगा।”

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चौहान ने आगे कहा, “किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। किसानों को कई राहतें दी गई हैं। उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम दिया गया है। किसानों के प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता देने पर भी विचार किया जाना चाहिए। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिए पट्टे दिए जा रहे हैं। कोई गरीब बिना मकान और जमीन के नहीं रहेगा। बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठाएगी। इस साल के आखिर तक सभी घरों में बिजली होगी।”

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उन्होंने कहा, “शिक्षा कर्मी बनाने की संस्कृति को समाप्त कर अध्यापक का सम्मानजनक पद बनाया गया है। बैतूल जिले से एक परिसर-एक स्कूल का प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसमें एक ही स्कूल परिसर में पढ़ाई के सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। आगामी 17 अगस्त को मिल-बांचे मध्यप्रदेश का शुभारंभ हो रहा है।”

चौहान ने कहा, “योजनाबद्ध तरीके से छोटे तालाबों के निर्माण के लिए ग्राम सरोवर अभिकरण बनाया जाएगा। यह अभिकरण पांच वर्षो में पांच हजार तालाब निर्मित करेगा। उद्योगों के जरिए रोजगार में वृद्धि के लिए अब उद्योगों को कर में छूट देने के बजाय निवेश में सीधे सहायता देने के लिए औद्योगिक नीति में बदलाव किया गया है।”

मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना ‘संबल’ के बारें में चौहान ने कहा, “यह योजना प्रदेश की लगभग आधी आबादी की रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, रोजगार जैसी मूलभूत चिंताओं को दूर करने का काम करेगी। एक जनवरी, 2018 से ग्रामीण क्षेत्र में भू-खण्ड अधिकार अभियान में नौ लाख से अधिक परिवारों को भू-खण्ड अधिकार-पत्र दिए गए हैं।”

उन्होंने कहा, “स्मार्ट सिटी परियोजना में सात शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना और सागर शामिल हैं। इन शहरों में पुनर्घनत्वीकरण और पुनर्निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इस परियोजना में 20 हजार करोड़ रुपये निवेश की योजना है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरे देश में नगर निगम इंदौर प्रथम और नगर निगम भोपाल द्वितीय स्थान पर लगातार दूसरे वर्ष भी रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों के स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की चर्चा करते हुए चौहान ने कहा, “इस योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। वहीं इस शिक्षा सत्र से दतिया, विदिशा, खंडवा, रतलाम में नए मेडिकल कॉलेज शुरू कर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 500 सीटों की वृद्धि की गई है। सिवनी और छतरपुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान की गई है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले पांच वर्षो में प्रदेश में जनजातीय कल्याण पर दो लाख करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।

चौहान ने कहा, “बालिकाओं से दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के अपराध को मृत्युदंड से दंडनीय बनाने वाला कानून विधानसभा से पास करवाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। ऐसे अपराधों के निराकरण के लिए 50 विशेष न्यायालय कार्यरत हैं। पिछले छह माह में बालिकाओं से दुष्कर्म के आठ प्रकरणों में अपराधियों को मृत्युदंड सुनाया गया है।”

कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एक कलाकार मण्डल गठित किया जा रहा है, और पांच नए हिन्दी सेवा सम्मान शुरू किए गए हैं।

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