Sunday , September 23 2018
Loading...
Breaking News

बीजिंग तक लक्ष्य साधने वाला अग्नि-वी तैनात होने के लिए तैयार

अग्नि-वी, भारत के स्वदेश निर्मित सतह से सतह पर सबसे दूर तक मार करने वाली परमाणु-सक्षम अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को एक और परीक्षण से गुजरना होगा।  5,000-5,500 किलोमीटर की रेंज तक लक्ष्य साधने वाला ये मिसाइल बीजिंग तक के लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर ना करने के शर्त पर बताया कि अक्टूबर तक अग्नि वी का अंतिम परीक्षण कर लिया जायेगा और जल्द ही देश के शस्त्रागार में शामिल कर लिया जायेगा।

अग्नि-वी मिसाइल भारत के मिसाइल पोर्टफोलियो को सम्पूर्ण कर देगा। वैसे ये परीक्षण जून में ही होना था पर किसी कारण इसे टालना पड़ा लेकिन सरकार के लक्ष्य के मुताबिक इसे इसी साल मिसाइल पोर्टफोलियो में शामिल करना है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के आधुनिकतम प्रयोगशाला में इसका निर्माण हुआ है जो देश की सुरक्षा की तैनाती के लिए लगभग तैयार है।

Loading...

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा निर्मित अग्नि-वी, अग्नि मिसाइल श्रृंखला का सबसे उन्नत संस्करण है जो 1960 में शुरू हुए इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। इससे पहले 2012, 2013, 2015 और 2016 में इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था। अब इस संंस्करण में सबसे शक्तिशाली अग्नि-वी को स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड में शामिल किया जायेगा।

loading...

इससे पहले अग्नि 1 से 4 जिसकी मारण क्षमता 700 किमी से 3,500 किमी है,शस्त्रागार में शामिल किए जा चुके हैं। परीक्षण सफल होने के बाद स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड(एसएफसी) भी मिसाइल का परीक्षण करती है। अग्नि-वी परमाणु निवारक शस्त्र है जो अपने साथ 1.5 टन के परमाणु हथियार ले जा सकती है। भारत अग्नि-वी के साथ अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के साथ आईसीबीएम क्षमताओं वाले देशों में शामिल हो गया है।

आप को बता दें कि भारत ने पनडुब्बी द्वारा लांच करने वाले मिसाइल के कार्यक्रम को भी जारी रखते हुए  3,000 किमी की मारक क्षमता के मिसाइल को लगभग तैयार कर लिया है। डीआरडीओ और रक्षा मंत्रालय के मुताबिक भारत पड़ोसी देश की मिसाइल ताकत जो 2,800 किमी है से काफी आगे निकल चुका है।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की मिसाइल ताकत से कई देशों को ईर्ष्या होने लगी है।

आप को याद होगा कि अग्नि-वी मिसाइल का परीक्षण ओडिशा अपतटीय क्षेत्र में स्थित अब्दुल कलाम द्वीप परीक्षण केंद्र से इसी साल जनवरी में किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने तब जानकारी दी थी कि बेहद उन्नत और विश्व स्तरीय मिसाइल का शुरुआती परीक्षण सफल रहा है। अब अंतिम परीक्षण के लिए अग्नि-वी फिर तैयार है। अग्नि मिसाइल संस्करण का ये आखिरी मिसाइल होगा।

Loading...
loading...