Thursday , September 20 2018
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JNU छात्र उमर खालिद पर हमला करने वाले का CCTV फुटेज इमेज जारी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र उमर खालिद  पर सोमवार को कांस्टीट्यूशन क्लब के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति ने गोली चलाई, लेकिन खालिद को चोट नहीं आई्. यह हमला अपरान्ह करीब 2.30 बजे हुआ, जब खालिद एक चाय की दुकान पर थे. पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने खालिद के हवाले से कहा कि उन्होंने (खालिद ने) कहा कि किसी ने उन पर हमला किया गया और धक्का दिया. वर्मा ने कहा, “इसके बाद हमलावर ने खालिद पर फायर करने की कोशिश की, लेकिन, व्यक्ति तत्काल पर फायर नहीं कर सका.” उन्होंने कहा कि खालिद ने बताया कि लोगों ने हमलावर का पीछा किया जिस पर उसने हवा में फायरिंग की.

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब 2.30 बजे एक सीसीटीवी में एक शख्स बिट्ठल भाई पटेल मार्ग की तरफ भागता नजर आ रहा है. पुलिस को एक पिस्‍टल बरामद हुई थी जो कंट्री मेड है, जिसमें 6 जिंदा कारतूस भी मिले है. अभी तक पता नहीं लगा है कि फायरिंग हुई है और पुलिस की  जांच जारी है. पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है. संसद मार्ग थाने में केस दर्ज हुआ है लोकल पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच में लगी हुई है. उमर खालिद पर हमला करने वाले का पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज एमेज जारी किया है.
अपने उपर हुए हमले के बाद उमर खालिद ने कहा कि ‘देश में खौफ का माहौल है और सरकार के खिलाफ बोलने वाले हर व्यक्ति को डराया-धमकाया जा रहा है.’ खालिद ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि मैं पुलिस सुरक्षा की मांग करूंगा. खालिद ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ संगठन के ‘खौफ से आजादी’ नामक एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे.

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हमले के बाद उमर खालिद ने कहा कि हमलोग एक कार्यक्रम के लिए आए थे. कार्यक्रम शुरू होने में कुछ समय था. मैं चाय पीने के लिए बाहर गया था. जैसे ही मैं चाय पीकर अंदर जा रहा था, उसने मुझे धक्का दिया और दूसरी तरफ जाकर गोली चला दी. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि गोली चलाने वाला कौन था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जो मेरे खिलाफ दुष्प्रचार किया गया है कि अब लोगों को लगता है कि ऐसे लोगों को मार दिया जाना चाहिए.

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घटनास्थल से बरामद पिस्टल.
खालिद ने कहा कि मेरे ऊपर हमला एक आदमी ने किया. मैं आरोपी का चेहरा नहीं देख पाया. उन्होंने कहा कि आप इस सरकार के खिलाफ बोलने की कोशिश करेंगे तो आपके उपर एक तमगा लगाया जाएगा कि कुछ भी किया जा सकता है. एक ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि कभी भी कुछ हो सकता है. ऐसे खौफ के माहौल में लोग कब तक जी पाएंगे. वहीं, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि हमले के पीछे कौन है यह ढूंढना पुलिस का काम है. उन्होंने कहा कि हमले किस वजह से हो रहे हैं यह वजह हम सबको पता है.
जिस कार्यक्रम में शामिल होने उमर खालिद मौजूद थे उसके लिए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण भी पहुंचे थे. उनका कहना है कि इस तरह की घटना खौफ पैदा करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और सरकार के गुंडे खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. दिन दहाड़े ऐसी घटना हुई और पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई. यानी उसको पूरा यकीन था कि पुलिस उसका कुछ नहीं कर पाएगी. यही मॉब लिंचिंग में हो रहा है.
प्रोफेसर अपूर्वानंद भी उस वक्त वहां मौजूद थे. उन्होंने कहा, ‘आप सोच सकते हैं कि किस माहौल में जी रहे हैं, जहां आप कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. आप अगर किसी सेमिनार में जाते हैं तो आपको मारा जा सकता है. वहीं, बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी का मानना है कि घटना को सनसनीखेज बनाया जा रहा है.

वहीं दलित नेता और गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी ने हमले के लिए भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया.

कौन हैं उमर ख़ालिद?
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