X
    Categories: उत्तर प्रदेश

युवाओं ने हिंदू-मुस्लिम एकता की कायम करी मिसाल, किया यह काम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरंगज में कुछ युवाओं ने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम की है। एनबीटी समाचार पत्र में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां बीते शनिवार को किराए के मकान में रह रही बेसहारा राजकुमारी की मौत हो गई। मृतिका अपने पीछे दो मासूम बच्चों को भी छोड़ गई, जिनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था। ऐसे में महिला के पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवक आगे आए। उन्होंने धर्म-जाति की दीवार तोड़कर ना सिर्फ इंसानियत का धर्म निभाया बल्कि हिंदू धर्म के मुताबिक महिला का अंतिम संस्कार भी कराया। युवाओं ने महिला के बच्चों की परविश के लिए इलाके में चंदा भी जुटाया।

मामले में ठाकुरगंज के गढ़ी पीर खां वार्ड से पार्षद अल्ला प्यारे ने बताया कि रज्जबगंज में सुनीता शर्मा के मकान में दो बच्चों सहित किराए पर रह रही राजकुमारी का बीते शुक्रवार को निधन हो गया। सालों तक पति के लापता रहने के बाद राजकुमारी लोगों को घरों काम कर अपनी बेटी (10) औरे बेटे (7) की परवरिश कर रही थी। मगर बीमार चल रही राजकुमारी की तबियत गुरुवार को अचानक को बहुत ज्यादा खराब हो गई। उन्हें केजीएमयू हॉस्पिटल में भर्ती कराया। मगर इलाज के दौरान शुक्रवार को राजकुमारी की मौत हो गई। मोहल्ले के लोग उनके शव को लेकर आए।

Loading...

पार्षद के मुताबिक इस दौरान मृतिका के परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं होने पर अंतिम संस्कार पर सवाल खड़ा हो गया। दोनों बच्चे भी मां को मृत देखकर बुरी तरह रो रहे थे। कुछ देर मशवरे के बाद आसपास के लोगों ने ही बच्चों की देखरेख के साथ अंमित संस्कार कराने का फैसला लिया। इस काम में पड़ोस के ही बिलाल, दाऊद, आसिफ, अरसद औ सोनू शर्मा ने भाग लिया। अर्थी तैयार की गई और शव को श्मशान घाट ले जाया गया। अंतिम संस्कार के बाद मासूम बच्चों की देखरेख पर सवाल खड़ा हो हुआ तो मुस्लिम युवक फिर से आगे आए और लोगों से आर्थिक मदद की अपील की। जानकारी के मुताबिक बहुत से लोगों ने मदद का आश्वासन दिया है। इससे जो रकम मिलेगी उसे बच्चों के बैंक अकाउंट में जमा कराई जाएगी।

loading...
Loading...
News Room :

Comments are closed.