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संचालित अमान्य विद्यालयों पर कसा सिकंजा

शासन की मंशानुसार शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अमान्य विद्यालयों पर नकेल कसने के उद्देश्य को लेकर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक के नेतृत्व में ब्लाक स्तर पर विद्यालयों की निगरानी करने के लिये तीन सदस्यीय टीमें गठित की थी। इसी क्रम में मड़ावरा ब्लॉक की गठित टीम में शामिल उमेश कुमार त्रिपाठी प्रधानाध्यापक राजकीय हाईस्कूल सिमिरिया, अजीत प्रकाश आनंद प्रधानाध्यापक राजकीय हाईस्कूल नैनवारा, नीरज दोहरे प्रधानाध्यापिका राजकीय हाईस्कूल रमगढा़ ने क्षेत्र में निरीक्षण कर अमान्य विद्यालयों को चिह्नित किया है। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक को भेज दी है।

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मड़ावरा ब्लॉक की टीम द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्राम धवा स्थित शिवाजी बाल विद्या मंदिर विद्यालय को कक्षा पांचवीं तक की मान्यता है, लेकिन उसमें कक्षा 11 तक की कक्षाएं संचालित मिली। वहीं, धवा गांव में ही दूसरा अमान्य विद्यालय शिवाजी विद्या मंदिर मिला। इसमें कक्षा एक से लेकर 11 तक की कक्षाएं संचालित हो रही थी। इस विद्यालय को कोई भी मान्य प्राप्त नहीं है। इसी क्रम में ग्राम पहाड़ी कला में शिव कान्वेंट के नाम से स्कूल संचालित मिला। इस विद्यालय को कोई भी मान्यता प्राप्त नहीं है। बिना मान्यता के ही इसमें अवैध तरीके से कक्षा एक से लेकर कक्षा दस तक कक्षाएं संचालित होगी मिलीं। ग्राम बम्हौरी में सांइनटिफिक गुरुकुल आवासीय स्कूल संचालित मिला। जिसकी मान्यता नहीं है और कक्षा आठ तक कक्षाएं संचालित हो रहीं है।

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इसके बाद मदर्स प्राईड इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण किया गया, जिसकी कोई मान्यता नहीं है। इसमें कक्षा आठ तक की कक्षाएं संचालित मिलीं। इसके बाद कस्बा मड़ावरा में ही विवेकानंद स्कूल बिना किसी मान्यता के संचालित होते हुए मिला। जिसमें कक्षा एक से छह तक की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। ग्राम गिदवाहा में पीएन तिवारी जूनियर हाईस्कूल के नाम से अमान्य विद्यालय संचालित होता हुआ मिला, जिसमें कक्षा छह से 12वीं तक की कक्षाएं चल रहीं है। मड़ावरा में ही वर्णी जैन पूर्वमाध्यमिक विद्यालय के नाम से विद्यालय चल रहा है, जिसकी मान्यता कक्षा आठ तक है और कक्षायें दसवीं तक चलायीं जा रही है। इसके अलावा मड़ावरा में ही रानी लक्ष्मीबाई स्कूल, जिसकी मान्यत कक्षा आठवीं तक की है। लेकिन विद्यालय में बिना मान्यता के कक्षा 10वीं तक की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। टीम ने अपनी जांच आख्या जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दी है। अब इन अमान्य विद्यालयों पर क्या कार्रवाई होती है यह अधिकारी ही निर्धारित करेगें।

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