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24 घंटे टला नासा का ऐतिहासिक सूर्य अभियान

नासा ने सूर्य का सबसे नजदीक से अध्ययन करने को भेजे जाने वाले अंतरिक्षयान पार्कर सोलर प्रोब का प्रक्षेपण रविवार तक के लिए टाल दिया है। शनिवार को प्रक्षेपण से कुछ मिनट पहले गैसीय हीलियम अलार्म बजने के बाद प्रक्षेपण टाल दिया गया।

नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय के प्रमुख थॉमस जुर्बुचेन ने कहा कि यह मिशन एजेंसी के बहुत अहम है। नासा ने कहा कि अगर प्रक्षेपण के लिए मौसम 60 प्रतिशत अनुकूल हुआ तो रविवार तड़के 3.31 बजे (स्थानीय समयानुसार) अंतरिक्षयान का प्रक्षेपण किया जा सकता है।

पहली बार सूर्य के करीब जाकर मानव रहित जांच का उद्देश्य परिमंडल और आसपास के असामान्य वातावरण के रहस्यों से पर्दा उठाना है। बताया जा रहा है कि यान पहले शुक्र के चक्कर लगाएगा। इसके बाद सूर्य की तरफ बढ़ेगा। इस दौरान यह मंगल की कक्षा में भी प्रवेश करेगा।

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साढ़े चार इंच मोटी अत्यंत शक्तिशाली शील्ड यान को सूर्य के तापमान से बचाएगी। यह शील्ड पृथ्वी पर सूर्य के विकिरण से 500 गुना ज्यादा विकिरण को झेल सकती है। 10 लाख डिग्री फॉरेनहाइट तापमान में शील्ड महज 2500 डिग्री फॉरेनहाइट के आसपास गर्म होगी। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चलता रहा तो अंतरिक्षयान के अंदर का तापमान 85 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर नहीं होगा।

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सूर्य से 38 लाख मील दूर से गुजरेगा
कार के आकार का यह अंतरिक्षयान सूरज की सतह से 38.3 लाख मील की दूरी से गुजरेगा। इससे पहले किसी भी अंतरिक्षयान ने इतना ताप और इतने प्रकाश का सामना नहीं किया है। पार्कर सोलर प्रोब यूनाइटेड लांच एलायंस डेल्टा 4 हैवी में सवार होकर उड़ान भरेगा।

24 बार सूर्य के वातावरण से गुजरेगा

यह अंतरिक्षयान मानव द्वारा अब तक निर्मित किसी भी वस्तु के मुकाबले सूरज का सबसे ज्यादा करीब से अध्ययन करेगा। पार्कर सोलर प्रोब अपने साथ कई उपकरण ले जा रहा है, जो सूरज का भीतर और आसपास से अध्ययन करेगा। 7 साल के अभियान के दौरान अंतरिक्षयान सूर्य के वातावरण से 24 बार गुजरेगा।

यूजीन पार्कर के नाम पर रखा है नाम
अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स अप्लाइड फिजिक्स लैब में तैयार पार्कर सोलर प्रोब का नाम अमेरिकी खगोलशास्त्री यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है। 90 साल के पार्कर ने 1958 में पहली बार बताया था कि अंतरिक्ष में सौर तूफान भी है।

11 लाख लोगों के नाम लेकर जा रहा है साथ
मार्च में अंतरिक्षयान के साथ अपने नाम भेजने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया था। 7 हफ्ते से ज्यादा चली प्रक्रिया में कुल 11,37,202 नाम दर्ज हुए और उनकी पुष्टि हुई। इन लोगों के नाम एक मेमोरी कार्ड में डाले गए, जिसे 18 मई को अंतरिक्षयान में लगाया गया।

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