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साक्षात्कार में मोदी बोले- महागठबंधन का टूटना तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में एनआरसी, रोजगार, भीड़ हिंसा, महागठबंधन, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और पाकिस्तान से रिश्तों से जुड़े कई सवालों पर खुलकर अपनी बात रखी। राजनीतिक परिदृश्य और खास तौर से विपक्ष के महागठबंधन को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गठजोड़ मौकापरस्ती का दिखावटी मेल है जिसका टूटना तय है। बस देखना यह है कि यह महागठबंधन चुनाव से पहले टूटता है या बाद में।
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उन्होंने असम में एनआरसी पर पहली बार यह साफ किया कि किसी भी भारतीय नागरिक को देश नहीं छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों का नाम इस लिस्ट में नहीं है उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत के किसी भी नागरिक को देश नहीं छोड़ना पड़ेगा। लोगों को प्रक्रिया के तहत सभी संभावित अवसर दिए जाएंगे।’

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प्रधानमंत्री मोदी ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचनाओं पर बेबाकी से बात करते हुए दावा किया कि, ‘पिछले एक साल में ही एक करोड़ से ज्यादा रोजगार दिए गए, इसलिए ऐसा प्रचार करना कि रोजगार पैदा नहीं हो रहे, निश्चित रूप से बंद होना चाहिए।’

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साथ ही महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और भीड़ हिंसा की घटनाओं पर पीएम मोदी ने कहा, ‘ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सभी को राजनीति से ऊपर उठकर समाज में शांति और एकता सुनिश्चित करनी चाहिए।’

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने राहुल गांधी के जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहे जाने पर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात चुनावों के दौरान जीएसटी पर लोगों को भड़काने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन जनता ने उन्हें खारिज कर दिया।

साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी के आकर गले लगने की सभी ने अलग-अलग तरह से व्याख्या की, लेकिन खुद प्रधानमंत्री का क्या आकलन रहा, ये सवाल पूछे जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये आपको तय करना है कि यह बचकाना हरकत थी या कुछ और। यदि आप निर्णय नहीं कर सकते तो उनका आंख मारना देखिए और आपको जवाब मिल जाएगा।

पीएम ने ममता बनर्जी के उस बयान पर भी हमला बोला, जिसमें उन्होंने देश में गृह युद्ध की बात कही थी।

पाकिस्तान में हुए सत्ता परिवर्तन को लेकर और इमरान खान के नेतृत्व में बनने वाली सरकार तथा पड़ोसी से अपने रिश्तों को लेकर भी पीएम ने सकारात्मक बात कही। उन्होंने उम्मीद जताई कि इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान शांति, सुरक्षा और स्थाई सौहार्द की दिशा में आगे बढ़ेगा व हिंसा तथा आतंकवाद से मुक्त हो पाएगा।

आरक्षण खत्म करने की बात कोरी अफवाह

प्रधानमंत्री ने उनकी पार्टी पर आरक्षण को खत्म करने के लिए सही मौका तलाशने के आरोप को कोरी अफवाह बताया। उन्होंने कहा, हमारे संविधान का उद्देश्य और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का सपना अभी तक पूरा नहीं हुआ है और इसे पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आरक्षण की इसमें अहम भूमिका है और ये कभी खत्म नहीं होने जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हर बार चुनावों से पहले कुछ समूह अपना हित साधने के लिए भाजपा पर आरक्षण खत्म करने का मौका तलाशने का आरोप लगाते हैं और मीडिया का भी एक खास तबका उनकी बात को बढ़ावा देता है। ये वहीं लोग हैं, जो बाबासाहेब के सपनों को सूली पर चढ़ाते रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, ये समाज के कमजोर वर्ग में अविश्वास के बीच बोना चाहते हैं, लेकिन भारतीय जनता बेहद समझदार है। याद कीजिए हमारे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मंडल कमीशन की सिफारिशों का सदन में पूरी तरह विरोध किया था। आज उनकी पार्टी की स्थिति अलग नहीं है।

बढ़ रहे हैं सहयोगी दल

गठबंधन सहयोगियों का भाजपा में विश्वास खोने के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सवाल का जवाब हाल की दो घटनाओं से मिल जाता है। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और राज्य सभा में उप सभापति का चुनाव, इन दोनों घटनाओं का परिणाम स्पष्ट इशारा करता है कि कौन सा गठबंधन मजबूत है और कौन सा विफल हो रहा है। यहां तक कि हमने उन दलों का भी समर्थन हासिल किया है, जो गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

आप तय कीजिए राहुल की हरकत बचकाना थी या कुछ और

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी के आकर गले लगने की सभी ने अलग-अलग तरह से व्याख्या की, लेकिन खुद प्रधानमंत्री का क्या आकलन रहा, ये सवाल पूछे जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये आपको तय करना है कि यह बचकाना हरकत थी या कुछ और। यदि आप निर्णय नहीं कर सकते तो उनका आंख मारना देखिए और आपको जवाब मिल जाएगा।

उन्होंने कहा, मैं एक विनम्र ‘कामदार’ हूं। मैं इस देश के ‘नामदारों’ की तुलना में कुछ भी नहीं हूं। वे तय करते हैं किससे नफरत करनी है, कब नफरत करनी है और किसे ‘प्यार’ करना है और कैसे इसे दिखाना है। इस सबमें मेरे जैसे कामदार क्या कह सकते हैं।

महागठबंधन : विपक्षी दल भी हमारी लोकप्रियता से सहमत हैं

मोदी बनाम अन्य की चर्चा के बीच 2019 में महागठबंधन के वार से बचने की योजना के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, विपक्षी दल हमारी सरकार की लोकप्रियता से इतने सहमत हैं कि वे अकेले हमसे लड़ने की अपनी योग्यता पर ही विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। इन सभी दलों के पास खुद को साबित करने के लिए भरपूर मौका था, लेकिन वे भ्रष्टाचार, कुनबापरस्ती और कुशासन में ही व्यस्त रहे। अब वे जानते हैं कि उनका जाति, वर्ग, समुदाय और धर्म पर आधारित चुनावी गणित विकास की केमिस्ट्री के साथ खड़ा नहीं हो सकता।

प्रधानमंत्री ने कहा, जनता ने भाजपा को चुनाव दर चुनाव और राज्य दर राज्य में अपनी आकांक्षाएं पूरी करने के लिए चुना है। जनता साफतौर पर इन दलों और भाजपा के बीच का अंतर पहचानती है। आज आपातकाल का विरोध करने वाले उनके साथ खड़े हैं, जिन्होंने इसे लागू किया था। जो भ्रष्टाचार से लड़ने जा रहे थे, वे उस दल के साथ खड़े हैं, जिसने हर स्तर पर संस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। जिन दलों का अस्तित्व ही एक-दूसरे से लड़ाई पर टिका था, वे अब दोस्त बन रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, महागठबंधन सैद्धांतिक समर्थन के लिए नहीं बल्कि निजी बचाव के लिए हो रहा है। महागठबंधन जनता की आकांक्षाओं के लिए नहीं बल्कि निजी महत्वाकांक्षाओं के लिए हो रहा है। महागठबंधन शुद्ध पावर पॉलीटिक्स पाने के लिए है, जनादेश के लिए नहीं। महागठबंधन विकास नहीं बल्कि अपने राजवंशों को बचाने के लिए है। बस सवाल ये है कि वे कब बिखरेंगे, चुनाव से पहले या बाद में।

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