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फुटहिया फ्लाईओवर ढहा : अग्रिम कार्यवाही शुरु

डा. राधेश्याम द्विवेदी
बस्ती फैजाबाद एनएच पर फुटहिया चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज भरभराकर गिरा। घटिया निर्माण बताई जा रही है वजह। लगभग 7.50 सुबह की घटना है। घटना में चार घायल बताये जा रहे हैं 2 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, घटना में 4 लोग घायल हैं और 2 अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका थी जिसे बाद में निकाल लिया गया। फ्लाइओवर का लिंटल गिरने के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय एक बच्चा और एक व्यक्ति मलबे में दबे देखे जा रहे थे। घटना के 20 मिनट में ही प्रशासनिक टीमें मौके पर आ गयीं और रेस्क्यू शुरू हो गया।अगर दो दिन पहले गिरा होता तो क्या होता? दो दिन पहले इसी के नीचे से कांवड़ भक्तों का सैलाब कावंड़ लेकर गुजरा था।
बस्ती में फोरलेन के फुटहिया तिराहे पर बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय करा रहा है। निर्माण का ठेका केएमसी कांसट्रक्शन हैदराबाद को दिया है। मंत्रालय के तरफ से अधिशासी अभियंता आशीष शुक्ला व केएमसी की तरफ से आशीष वैश्य बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर काम देख रहे है। यह फ्लाईओवर एनएच 28 और एनएच 233 को क्रास कराने के लिए फुटहिया पर बन रहा है। प्लाईओवर का 127 मीटर स्पान छत का है तो दोनों तरफ 450-450 मीटर का ढाल बनना है। इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1027 मीटर है। जिसकी कुल लागत 15 करोड़ रुपया निर्धारित है। प्लाईओवर के स्पान का एक हिस्सा ढहा है, जिसे 10 जुलाई से 12 जुलाई के बीच ढाला गया था। इंजीनियरों के अनुसार इसे 28 दिन बाद खोला जा सकता है, जिसका निर्धारित समय पूरा हो चुका था। , 60 फीसदी से अधिक पुरा हो चुका था काम, करोड़ों की लागत से बना था . प्लाईओवर के 127 मीटर स्पान में से एक हिस्सा 43 मीटर का है। इसको बनाने की लगभग कीमत दो करोड़ रुपया आंकी जा रही है। जो अब मलबा हटाने, ध्वस्त पुल को काटने व मैटेरियल को निकालने के चलते और अधिक बढ़ जाएगा।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय रीजनल कार्यालय लखनऊ के अधिशासी अभियंता व प्रोजेक्ट इंजीनियर आशीष शुक्ल ने बताया कि निर्माण की गुणवत्ता के लिए छह सदस्यीय टीम है। जिसमें मैटेरियल बनने से लेकर लगाने तक अलग-अलग इंजीनियर अपने स्तर से जांच करते हैं। प्रतिदिन लैब से जांच के बाद ही मैटेरियल को निकलने दिया जाता है। एमओआरटीएच के इंजीनियर आशीष शुक्ल ने बताया कि ओवरलोड वाहन के स्ट्रक्चर से टकराने के कारण वह ढीला हो गया था। अभी स्पान पर सरिया डालकर काम होना था। एक दो दिन में इसकी प्लानिंग थी। लेकिन स्ट्रक्चर ढीला होने के कारण फ्लाईओवर ढह गया। चीफ इंजीनियर लखनऊ (रीजनल आफिसर) दिग्विजय मिश्र बस्ती पहुंच गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो रही है। उसके बाद उनके स्तर से जांच बैठा दी जाएगी।
घटना की सूचना लगते ही बस्ती के जिलाधिकारी, उप पुलिस महानिरीक्षक समेत जिला प्रशासन व पुलिस की टीमें पहुंच गयीं. प्रशासनिक टीमों ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू कराते हुए मलबा हटवाने का कार्य शुरू करा दिया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. मौके पर जिलाधिकारी राजेशखर, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. यातायात की स्थित सुगम करने के निर्देश देने के साथ ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय सांसद श्री हरीश द्विवेदी ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को तत्काल पत्र लिखकर दोशियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है।

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Dr.Radheyshyam Dwivedi (Bureau Chief) :

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