Tuesday , September 25 2018
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खाली हाथ लौटने पर लोगों का सामना करना मुश्किल

ओलंपिक पदकधारी साक्षी मलिक एशियाई खेलों से पहले टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं जिससे उनकी फॉर्म सभी के लिए चिंता बनी हुई है और वह भी इस बात से वाकिफ हैं। लेकिन उनका कहना है कि खिलाड़ी हमेशा पदक को लक्ष्य बनाए रहते हैं ताकि उनके ऊपर उंगली नहीं उठे।
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हरियाणा की इस 25 वर्षीय पहलवान को अप्रैल में राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था और हाल में वह इस्तांबुल में यासार दोगु अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक दौर में पहुंचने से पहले ही बाहर हो गईं।

साक्षी ने लखनऊ में ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, ‘हम जब भी मैट पर उतरते हैं तब हम पदक जीतना चाहते हैं। पदक के बिना लौटने पर लोगों का सामना कैसे करते हैं, यह केवल हम ही जानते हैं। जब लोग सवाल पूछते हैं तो इनका जवाब देना काफी मुश्किल हो जाता है।’

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साक्षी को तीन अन्य पहलवानों विनेश फोगाट, सुशील कुमार और बजरंग पूनिया के साथ एशियाई खेलों के लिए ट्रायल्स में भाग नहीं लेने की छूट भी दी गई लेकिन हाल में भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारियों ने मीडिया से कहा कि सुशील और साक्षी दोनों का फॉर्म में नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय है।

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