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पीएम मोदी ने टीम इंडिया की तरह काम करने का किया था आह्वान

15 अगस्त 2015 को स्वतंत्रता दिवस की 69वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया था। जानिए पीएम मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में क्या कुछ कहा था।
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भारत के सवा सौ करोड़ मेरे प्यारे देशवासियों, आजादी के पावन पर्व पर आप सबको हृदय से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 15 अगस्त का यह सवेरा मामूली सवेरा नहीं है। यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का स्वातंत्र्य पर्व का सवेरा है। यह सवेरा, सवा सौ करोड़ देशवासियों के सपनों का सवेरा है।

यह सवेरा सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्प का सवेरा है और ऐसे पावन पर्व पर जिन महापुरूषों के बलिदान के कारण, त्याग और तपस्या के कारण सदियों तक भारत की अस्मिता के लिए जूझते रहे, अपने सर कटवाते रहे, जवानी जेल में खपाते रहे, यातनाएं झेलते रहे, लेकिन सपने नहीं छोड़े, संकल्प नहीं छोड़े। ऐसे आजादी के स्वतंत्रता सेनानियों को मैं आज कोटि-कोटि वंदन करता हूं।

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समय की आवश्यकता के अनुसार, भविष्य के सपनों को साकार करने की आवश्यकता के अनुसार उन्हें ढाला गया है, उन्हें पनपाया गया है और उससे चिर पुरातन परंपराओं के बीच, नित्य नूतन संकल्पों के साथ यह देश आज यहां पहुंचा है।

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सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर
हमारी एकता, हमारी सरलता, हमारा भाई-चारा, हमारा सद्भाव यह हमारी बहुत बड़ी पूंजी है। इस पूंजी को कभी दाग नहीं लगना चाहिए, कभी उसे चोट नहीं पहुंचनी चाहिए। अगर देश की एकता बिखर जाए तो सपने भी चूरचूर हो जाते हैं। जातिवाद के जहर को, सांप्रदायिकतावाद के जुनून को किसी भी रूप में जगह नहीं देनी है, पनपने नहीं देना है।

टीम इंडिया से बढ़ रहा है देश

जातिवाद का जहर हो, सम्प्रदायवाद का जुनून हो, उसे हमें विकास के अमृत से मिटाना है, विकास की अमृतधारा पहुंचानी है और विकास की अमृतधारा से एक नई चेतना प्रकट करने का प्रयास करना है। भाइयों-बहनों यह देश टीम इंडिया के कारण आगे बढ़ रहा है। और ये टीम इंडिया, सवा सौ करोड़ देशवासियों की बृहत टीम है। क्या कभी दुनिया ने सोचा है कि सवा सौ करोड़ देशवासियों की ये टीम, जब टीम बनकर के लग जाती है तो वो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हैं, वे राष्ट्र को बनाते हैं, वो राष्ट्र को बढ़ाते हैं, वे राष्ट्र को बचाते भी हैं, और इसलिए हम जो कुछ भी कर रहे हैं, हम जहां पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, वह ये सवा सौ करोड़ की टीम इंडिया के कारण है और टीम इंडिया के आभारी हैं।

देश के मन की बात
लोकतंत्र में जनभागीदारी, ये सबसे बड़ी पूंजी होती है, अगर सवा सौ करोड़ देशवासियों की भागीदारी से हम देश को चलाएंगे तो देश हर पल सवा सौ करोड़ कदम आगे चलता चला जाएगा और इसलिए, Team इंडिया के इस रूप में जनभागीदारी को बल दिया गया है, प्राथमिकता दी गई है। चाहे Electronic के platform के माध्यम से mygov.in हो, चाहे नागरिकों से लगातार आते रहे लाखों पत्र हो, चाहे मन की बात हो, चाहे नागरिकों के साथ संवाद हो। इसी मार्ग से दिनों-दिन जनभागीदारी बढ़ती चली जा रही है। बहुत बड़ी मात्रा में हर काम में, दूर-सुदूर गांवों में बैठे हुए लोगों के भी सुझाव हमें मिलते रहे हैं और यही, Team India की ताकत है।

जनधन योजना, बीमा योजना और पेंशन योजना
मैंनें गत 15 अगस्त को प्रधानमंत्री जन-धन योजना की घोषणा की। देश में साठ साल बीते, गरीबों के लिये बैंको का राष्ट्रीयकरण किया गया लेकिन इसके बावजूद भी साठ साल से भी अधिक समय के बाद गत 15 अगस्त को देश के चालीस प्रतिशत लोग बैंक खातों से वंचित थे। गरीब के लिये बैंकों के दरवाजे बंद थे। हमने संकल्प किया कि इस कलंक को मिटाना है और विश्व में Financial Inclusion की बातें होती हैं, उस Financial Inclusion को एक मजबूत धरातल पर लाना है तो देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को आर्थिक गतिविधि की मुख्य धारा में जोड़ना पड़ेगा और Bank account, ये उसका एक प्रारम्भ बिंदु है। हमने तय किया था, ”करेंगे, करते हैं, सोचते हैं, देखते हैं” ऐसा नहीं, हमने कहा था- 26 जनवरी को जब देश फिर एक बार तिरंगे झंडे के सामने खड़ा होगा तब तक समय सीमा में काम पूरा करेंगे।

मेरे देशवासियों मैं आज गर्व से कहता हूं कि हमने समय सीमा पर काम पूरा किया। 17 करोड़ लोगों ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत खाते खुलवाए। हमने तो कहा था, गरीबों को अवसर देना था इसलिए कहा था- एक भी रूपया नहीं होगा, एक नया पैसा भी नहीं होगा, तो भी बैंक का accounts खोलेगें। बैंकों को खोलने की कागज़ पट्टी का खर्चा होगा तो होने देंगे। आखिर बैंक किसके लिए हैं! गरीब के लिए होना चाहिए, और इसलिए जीरो बैलेंस से हमने अकाउंट खोलने का संकल्प किया था। लेकिन, मेरे देश के अमीरों को हमने देखा है, और इस बार देश ने गरीबों को भी देखा है और गरीबों की अमीरी को देखा है। मैं इन गरीबों की अमीरी को आज लालकिले के प्राचीर से शत-शत नमन करना चाहता हूं, सलाम करना चाहता हूं क्योंकि जीरो बैलेंस से अकाउंट खोलने का कहने के बावजूद भी इन गरीबों ने बीस हजार करोड़ रुपया बैंक के खातों में जमा करवाया। अगर ये गरीबों की अमीरी न होती तो कैसे संभव होता और इसलिये गरीबों की अमीरी के बलबूते ये टीम इंडिया आगे बढ़ेगी, ये मेरा विश्वास आज प्रकट हो रहा है।

सामाजिक सुरक्षा पर बल दिया 
हमने सामाजिक सुरक्षा पर बल दिया है। गरीबों की भलाई पर बल दिया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और जीवन-ज्योति योजना, हमारे देश में करोड़ों-करोड़ों लोग हैं जिनको सुरक्षा का कवच नहीं है। Insurance का लाभ हमारे देश में निम्न मध्यम वर्ग को भी नहीं पहुंचा है गरीब की बात तो छोड़ो। हमने योजना बनाई एक महीने का एक रुपया, ज्यादा नहीं एक महीने का एक रुपया। 12 महीने का 12 रुपया और आप प्रधानमंत्री सुरक्षा-बीमा के हकदार बन जाइए। अगर आपके परिवार में कोर्इ आपत्ति आई तो दो लाख रुपया आपके परिवार को मिल जाएगा।

अर्थतंत्र को कैसे चलाया जाता है। हम प्रधानमंत्री जीवन-ज्योति बीमा लाये। एक दिन के 90 पैसे, एक रुपए से भी कम, सालभर का 330 रुपया। आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए, आपके परिवार की सुरक्षा के लिए 2 लाख रुपयों का बीमा सिर्फ 90 पैसे दो रोज के, हमने किया। भाइयो-बहनों हमारे देश की कई योजनाएं जो 40 साल पुरानी हैं, 50 साल पुरानी हैं, 5 करोड़, 7 करोड़ लोगों से आगे नहीं पहुंच पाती हैं। इस योजना को अभी तो 100 दिन पूरे हुए है, 100 दिन।

100 दिन में 10 करोड़ नागरिकों ने इसका लाभ लिया है, 10 करोड़ नागरिकों ने। हमारे देश में ये 10 करोड़ नागरिक मतलब कि 10 करोड़ परिवार हैं। इसका मतलब ये हुआ कि देश में जो 30-35 करोड़ परिवार हैं उसमें से 100 दिन के भीतर-भीतर 10 करोड़ परिवार इस योजना में शरीक हो गए हैं। भाइयों-बहनों, हमारी सरकार की Team India की पिछले एक साल की जो विशेषता है, Team India का जो पराक्रम है, Team India सवा सौ करोड़ देशवासी टीम इंडिया हैं। उन्होंने जो सबसे बड़ा काम किया है समय-सीमा में निर्धारित कामों को पूरा करना।

स्वच्छता की मुहिम रंग ला रही है

मैंने पिछली बार लाल किले पर से शौचालय की बात की थी, स्वच्छता की बात की थी। देश के लिए पहले घंटे-दो घंटे अजूबा लगा कि कैसे प्रधानमंत्री है कि लाल किले पर शौचालय बनाने में किसलिए समय खपा रहा है। लेकिन आज पूरे देश में जितने भी सर्वे होते हैं, हर सर्वे में एक बात उजागर आती है कि इस Team India की सबसे महत्वपूर्ण जन-जन को छूने वाली कोई बात है तो वो स्वच्छता का अभियान है।

भाइयो-बहनों हमने स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए समाज के लोगों का आह्वान करते रहते थे 9-9 लोगों का नाम अंकित करते थे एक दौर चल पड़ा था। लेकिन आज इस Team India को मुझे बधाई देनी है चाहे celebrity हो, चाहे राजनयिक हो, चाहे समाज सेवक हो, शिक्षाविद् हो, संप्रदायी जीवन से जुड़े हुए, आध्यात्मिक जीवन से जुड़े हुए महानुभाव हो, चाहे हमारे media के मित्र हो, सबने किसी की आलोचना किए बिना, बुराइयों को खोजने के बिना, जन-सामान्य को प्रशिक्षित करने का एक बहुत बड़ा बीड़ा उठाया है। मैं, जिन्होंने इस काम को किया है उन सबका आज ह्दय से अभिनंदन करता हूं। लेकिन सबसे ज्यादा एक बात मुझे कहनी है ये स्वच्छ-भारत के अभियान को ये सबसे बड़ी ताकत कहां से मिली है। उसके सबसे बड़े Brand Ambassador कौन है। आपका ध्यान नहीं गया होगा लेकिन आप अपने परिवार में याद कीजिए क्या हुआ था। हिन्दुस्तान में ऐसे कोटि-कोटि परिवार है जिन परिवारों में 5 साल के 10 साल के 15 साल के बालक इस स्वच्छ भारत अभियान के सबसे बड़े Ambassador बने है। ये बालक घर में कोई कूड़ा-कचरा करता है तो बच्चे मां-बाप को रोकते है कि नहीं, गंदगी मत करो, कूड़ा-कचरा मत फेकों, किसी पिता को गुटखा खाने की आदत है और कार का शीशा खोलता है तो बच्चा रोक देता है कि दादा बाहर थूकना नहीं, भारत स्वच्छ रहना चाहिए ये कार्यक्रम की सफलता उन छोटे-छोटे बालकों के कारण है।

2019, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती हम मनाने वाले हैं और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती स्वच्छ भारत को हमें उन्हे अर्पित करना है। महात्मा गांधी को 150वीं जयंती पर इससे बड़ी कोई श्रद्धांजलि नहीं हो सकती। और इसलिए अभी तो काम शुरू हुआ है लेकिन मुझे इसको आगे बढ़ाना है।

श्रम कानूनों में सुधार : मजदूरों को पीएफ खाते के लिए एक पहचान नंबर दिया। 44 श्रम कानूनों को चार आचार संहिताओं में समेटा।

एलपीजी सब्सिडी : बीस लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है। हम एलपीजी सब्सिडी के लिए डायरेक्ट बेनिफिट का प्रावधान लाए हैं जिससे दलाली और कालाबाजारी खत्म हुई है।

कोयले की नीलामी : अगर मैं कोयला की चर्चा करूंगा तो कुछ राजनीतिक पंडित उसे राजनीति के तराजू से तोलेंगे। मैं जिस कोयले की चर्चा कर रहा हूँ उसे राजनीति से मत तोलिए। हमने कोयले की नीलामी का प्रावधान किया और करीब तीन लाख करोड़ रुपए अब तक नीलामी से जुटाए हैं। एफएम रेडियो फ़्रीक्वेंसी नीलामी से भी अब तक एक हजार करोड़ रुपए आए।

भ्रष्टाचार नहीं हुआ : हमारी पंद्रह महीनों की सरकार पर अब तक भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। कालेधन पर हमने कठोर कानून बनाया है और लोगों ने अब तक 6500 करोड़ रुपए की अघोषित आय घोषित की है।

कृषि मंत्रालय में किसान कल्याण जोड़ा : हमने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए पचास हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। कृषि मंत्रालय अब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के रूप में जाना जाएगा। बिजली से वंचित साढ़े अट्टारह हजार गाँवों में अगले एक हजार दिनों में बिजली पहुँचाई जाएगी।

वन रैंक वन पेंशन : पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन का विषय हमारी सरकार के सामने हैं. मैं विश्वास दिलाता हूँ कि सिद्धांततः इस सरकार ने वन रैंक वन पेंशन को स्वीकार कर लिया है। संबंधित लोगों से बात चल रही है, बात को आगे बढ़ा रहे हैं।

स्टार्ट अप इंडिया-स्टैंड अप इंडिया : हमें भारत को स्टार्टअप्स में नंबर एक बनाना हैं। बैंक नए उद्यमियों को आसान क़र्ज़ देंगे. देश की सवा लाख बैंक शाखाएं दलितों-वंचितों के लिए विशेष योजनाएं बनाएंगी। देश में सवा लाख दलित उद्यमी पैदा किए जाएंगे। उन स्टार्टअप प्रोजैक्ट को अधिक मदद दी जाएगी जिनसे अधिक रोजगार पैदा होंगे।

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