Wednesday , November 14 2018
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जम्मू में ट्रेन से रोहिंग्या कर रहे मानव तस्करी

नार्थ ईस्ट में जड़ें फैला चुके रोहिंग्याओं से 29 लाख रुपये मिलने के मामले में लड़कियों और लड़कों के एंगल से भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि हर बुधवार को गोवाहाटी और सियालदह एक्सप्र्रेस ट्रेन से कुछ लड़कियों व लड़कों को नौकरी दिलाने के नाम पर जम्मू लाया जा रहा है।
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जम्मू में एक बहुत बड़े रैकेट की तरह नौकरी प्रदान करने के मामले में पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर भी अपनी चौकसी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार मानव तस्करी को लेकर पुलिस अभी तक कार्रवाई नहीं कर पाई है। हर बुधवार को पहुंचने वाली इन ट्रेनों से लड़कियों को लाया जाता है और स्टेशन के बाहर इन लड़कियों को एक गाड़ी में ले जाकर लोगों के घरों में छोड़ा जाता है। जो घरों में काम करती हैं और कुछ वर्ष बाद वह अपने घर वापस लौट जाती हैं।

इसमें लाखों की डील होती है। कामकाज के लिए लाई गई लड़कियों को मात्र दो तीन हजार रुपये प्रति माह के तौर पर मेहनताना दिया जाता है। त्रिकुटा नगर में पिछले साल एक बुजुर्ग की हत्या के बाद इस रैकेट का खुलाया हुआ था। पुलिस ने भी इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी साउथ विनय शर्मा के अनुसार पुलिस रोहिंग्याओं से मिले 29 लाख रुपये के मामले में इस तस्करी के एंगल पर भी काम कर रही है।

उधर, सूत्रों के अनुसार हर सप्ताह या फिर माह में एक बार नार्थ ईस्ट से दर्जनों लोगों को इन ट्रेनों से जम्मू पहुंचाया जाता है। नौकरी दिलाने की प्लेसमेंट एजेंसियों के सरगना भी लाखों रुपये लेकर स्टेशन पर रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से पुलिस की चौकसी बढ़ने के कारण इन रुपयों को पकड़े गए लोगों की झुग्गियों में रखा गया। इस रैकेट में अधिकतर बांग्लोदशी और रोहिंग्या शामिल हैं। पकडे़ गए दोनों लोगों ने भी कबूला है दो बांग्लादेशियों ने उनके घरों में रुपयों से भरा बैग रखा था।

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रोहिंग्या की झुग्गियों से बरामद हुए थे 29 लाख रुपये

रोहिंग्या की झुग्गियों से 29 लाख रुपये बरामद करने के बाद पुलिस को जांच के लिए अगली कड़ी मिलना मुश्किल हो गई है। पकड़े गए रोहिंग्याओं ने बताया कि उन्हें दो बांग्लादेशियों ने बैग दिए थे। इनमें क्या था, यह उन्हें नहीं पता और अब उनके फोन भी बंद हैं। रोहिग्याओं से 29 लाख रुपये बरामद किए जाने के बाद संभावना जताई जा रही है कि बांग्लादेश का आतंकी नेटवर्क भी जम्मू कश्मीर के आतंकियों को फंडिंग करने के लिए सक्रिय हो गया है। जो जम्मू कश्मीर के आतंकियों को फंडिंग कर रहा है। मादक पदार्थ, टेरर फंडिंग और आतंकी संगठनों के अचानक सक्रिय होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सक्रिय हैं।

स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी संगठन किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। इसकी सूचना भी सुरक्षा एजेंसियों के पास है। सीमा पार से अलकायदा समर्थित अंसार गजवत उल हिंद के जाकिर मूसा का आतंकी नेटवर्क, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तोयबा आतंकी संगठन पूरी तरह से राज्य में सक्रिय हो गए हैं।

रोहिंग्याओं से पकड़े गए रुपयों को भी इसी कड़ी का पार्ट माना जा रहा है। कई रोहिंग्याओं की बस्तियां भी जम्मू कश्मीर में बस चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी जम्मू कश्मीर में रोहिंग्या को देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती मान रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह भी संभावना जताई जा रही है कि मादक पदार्थों की तस्करी से भी इस रुपयों को लाया गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही कोई बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।

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