Friday , February 22 2019
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स्वाद और परंपरा की विविधता है मराठी भोजन

महाराष्ट्र के बारे में सोचते ही तमाम बातें आपके जहन में आ सकती हैं मसलन वहां का पहनावा, नृत्य, पर्यटन स्थल, नाटक, फिल्म, उत्सव और भी बहुत कुछ। लेकिन इन सबसे ऊपर जिस चीज का ख्याल आता है वह है मराठी भोजन।

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उत्सव थालीज ऑफ इंडिया टीवी कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता मशहूर शेफ कुणाल कपूर का कहना है कि थाली शब्द रेस्तरां द्वारा दिया गया है ताकि उनके लिए किसी खास क्षेत्र के कुछ मूल व्यंजनों को एक जगह कर बेच पाने में आसानी हो।

हालांकि कपूर ने बताया, एक थाली किसी खास समुदाय की होती है। महाराष्ट्र के भीतर कई समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एक कोल्हापुरी थाली में आपको पांध्रा रस , तांब्दा रस और कोल्हापुर के कई अनोखे व्यंजन मिलेंगे। उन्होंने बताया, इसी तरह मालवा क्षेत्र में थाली किसी खास अवसर पर तैयार होती है।

इसमें समुद्री भोजन ज्यादा रहता है जबकि कोल्हापुरी भोजन में मटन की मात्रा ज्यादा होती है। इसके अलावा आपको महाराष्ट्र के भोजने में कोंबडी वडा , पितला-भाकर , जुनका भाकर जैसे शाकाहरी विकल्प भी हैं।

महाराष्ट्र के भोजन की विविधता को जानने के लिए आपको माल्वानी, कोल्हापुरी, नागपुर और विदर्भ की थाली का स्वाद लेना पडेगा। लोगों को वडा पाव, मिसल पाव, थाली पीठ, साबूदाना खिचडी, भरली वांगी, कोल्हापुरी मटन जैसे व्यंजन भी खासे पसंद आते हैं।

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