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आखिर महिलाओं में ही क्यों ज्यादा आम है थायरॉइड की बीमारी

देश का लगभग हर तीसरा शख्स किसी न किसी थायराइड से पीड़ित है, जो अक्सर वजन बढ़ाने और हार्मोनल असंतुलन का कारण बनता है। एक अध्ययन के मुताबिक, महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा आम है। देशभर में थायराइड विकारों का सबसे प्रचलित रूप है सब-क्लिनिकल हाइपोथायरायडिज्म। यह हाइपोथायरायडिज्म का एक हल्का रूप है और इसका निदान अप्रत्याशित रूप से किया जाता है। यह देश के पूर्वी हिस्सों में अधिक पाया जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड विकार आठ से दस गुना ज्यादा होता है। ऐसा मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि ऑटो इम्यून समस्याएं महिलाओं में अधिक पाई जाती हैं। इस बारे में बताते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआइ) के अध्यक्ष डॉ केके अग्रवाल ने कहा कि थायराइड हार्मोन अंगों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी होते हैं। इनमें किसी भी तरह के असंतुलन से जीवन की गुणवत्ता कम हो सकती है। थायराइड विकार आनुवंशिक हो सकते हैं। यह दो तरह के होते हैं- हाइपरथायरायडिज्म जो एट्रियल फिब्रिलेशन, ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का कारण बन सकता है और हाइपोथायरायडिज्म जो मायक्सेडेमा कोमा और मौत का कारण बन सकता है।

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थायराइड समस्याओं का सबसे आम कारण ऑटो इम्यून थायराइड रोग (एआइटीडी) है। यह एक वंशानुगत यानी जेनेटिक स्थिति है जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली एंटी बाडी उत्पन्न करती है, जो या तो थायराइड ग्रंथियों को अधिक हार्मोन बनाने के लिए उत्तेजित करती है या ग्रंथियों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे थायराइड हार्मोन के उत्पादन में कमी आ सकती है। हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों में वजन घटना, गर्मी न झेल पाना, नींद न आना, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना आना, हाथ कांपना, लगातार मल त्याग की इच्छा होना, दिल तेजी से धड़कना, कमजोरी, चिंता और अनिद्रा शामिल हैं। हाइपोथायरायडिज्म में सुस्ती, थकान, कब्ज, धीमी हृदय गति, ठंड, सूखी त्वचा, बालों में रूखापन, अनियमित मासिक चक्र और इंफर्टिलिटी के लक्षण दिखाई देते हैं

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डॉ  ने आगे बताया कि सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड से गर्दन के निचले हिस्से में सूजन के साथ मौजूद थायराइड नोड्यूल का पता लग सकता है। बढ़ती हुई गर्दन से थायराइड कैंसर का पता चलता है, साथ ही कुछ भी निगलने में कठिनाई के साथ आवाज में बदलाव हो सकता है। हाइपोथायरायडिज्म का संबंध वजन बढ़ने से है। इस स्थिति वाले व्यक्ति के लिए वजन कम करना मुश्किल हो सकता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए फाइबरयुक्त और कम वसा वाला आहार लें। हालांकि थायराइड वाले लोगों को थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन कोई न कोई शारीरिक गतिविधि करने के लिए खुद को प्रेरित करें। तनाव से थायराइड विकारों को बढ़ने का मौका मिलता है। तनाव के स्तर को कम करने के प्रयास करें। योग, ध्यान व नृत्य आदि से मदद मिल सकती है। बीमारी के लक्षणों को जानें। समझने का प्रयास करें कि थायराइड कैंसर के सामान्य लक्षण क्या हैं। अगर आपको कैंसर का जोखिम है, तो कुछ-कुछ सालों में नोड्यूल का पता करने के लिए अपनी जीपी और टीएसएच स्तरों का परीक्षण करवाएं।

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