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जेल भेजे गए झांसी के ये शूटर

पहले सोनीपत और अब झांसी को दहलाने वाले टप्पल व लोधा में दबोचे गए दिल्ली के मोंटी के गैंग के शूटरों को गुरुवार को जिला अस्पताल से छुट्टी के बाद जेल भेज दिया गया। इससे पहले चारों कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा गया। इधर, झांसी में 21 जुलाई को हुई प्रापर्टी डीलर/पेट्रोल पंप स्वामी पर हमले व उनके गनर की हत्या की घटना में इन शूटरों के शामिल होने की खबर पर झांसी पुलिस भी गुरुवार को यहां पहुंची। पुलिस ने पहले घायलों से जिला अस्पताल में पहुंचकर पूछताछ की। इसके बाद टप्पल पहुंचकर पुलिस से भी तथ्यों पर बातचीत की।
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टप्पल पुलिस ने सोमवार तड़के बैना गांव के जयपाल के घर से बदमाशों का गिरोह पकड़ा था। जिनसे पूछताछ में पकड़े गए सागर राणा निवासी फिरोजपुर खदखोदा सोनीपत हरियाणा व रोहित उर्फ रोहिताश महोली रोड कोतवाली मथुरा ने स्वीकारा था कि उन्होंने 21 जुलाई को झांसी के संजय वर्मा की 20 लाख की सुपारी में हत्या के लिए हमला किया था। उसमें संजय वर्मा के दो गोली लगी थीं, जबकि उनका गनर 13 गोली लगने से मारा गया।

इस घटना में कुल 50 से ज्यादा राउंड फायर किए गए थे। चूंकि वह घटना में असफल हो गए थे, इसलिए यहां छिपकर फिर से संजय पर हमले की प्लानिंग बना रहे थे। इसी बीच पकड़े गए। बाद में थाने से भागने पर पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने पर दोनों फिर दबोचे गए। इसके बाद बुधवार देर शाम उनके दो अन्य साथी सुमित निवासी बहादुरगढ़ झझर हरियाणा व मोहित निवासी शिशोना खरखोदा सोनीपत हरियाणा को लोधा पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा था। इनमें मोहित तिहाड़ जेल की पैरोल से फरार चल रहा है। इसी गैंग ने पूर्व में सोनीपत में विधायक भरत सिंह की हत्या की थी। इंस्पेक्टर टप्पल व इंस्पेक्टर लोधा के अनुसार चारों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया।

सीसीटीवी में कैद हैं रोहित और सागर
झांसी से आई पुलिस ने टप्पल पुलिस को बताया कि बेशक संजय वर्मा पर हमले व गनर की हत्या में अन्य लोग नामजद हैं। मगर वहां सीसीटीवी में रोहित व सागर कैद हैं। जिन्हें लगातार पुलिस चिह्नित करने का प्रयास कर रही थी। इसी बीच अलीगढ़ से मिली सूचना पर पुलिस यहां दौड़ी चली आई। उन्होंने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद वह जेल के पीछे अपनी बाइकें छोड़कर आए थे। झांसी पुलिस ने स्वीकारा कि वहां उन्हें बाइकें मिली थीं।

रडार पर आया शरण देने वाला जयपाल
अब टप्पल पुलिस के रडार पर उन्हें शरण देने वाला जयपाल भी आ गया है। गुरुवार को उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मगर अभी उम्र अधिक होने और बीमारी होने के कारण उससे सख्ती से पूछताछ नहीं हो पाई है। मगर अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि वह पुराना अपराधी है और दिल्ली व हरियाणा के पुराने संपर्कों के जरिये यह अपराधी पहले भी उसके यहां आते-जाते रहे हैं।

आशुतोष पेशी पर आया, की गई निगरानी
कुख्यात मुनीर का साथी आशुतोष मिश्रा गुरुवार को यहां पेशी पर आया था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर अलीगढ़ पुलिस ने भी उसकी निगरानी की। बेशक दिल्ली पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में वह लाया गया था। मगर अलीगढ़ पुलिस की एसओजी टीम भी उसके इर्द-गिर्द के लोगों की निगरानी किए रही। इस दौरान यह देखा गया कि कौन लोग उससे मिल रहे हैं और कौन लोग उसको देखने आ रहे हैं और क्यों आ रहे हैं। बता दें कि यहां फहद हत्याकांड सहित अन्य मुकदमों में उसे पेशी पर लाया जाता है। बुधवार को मुठभेड़ में दबोचे गए बदमाशाें ने यह स्वीकारा है कि चूंकि मुनीर व आशुतोष नीरज बवाना के करीबी हैं, इसलिए वह भी हमारे रडार पर हैं। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं पेशी के दौरान इन दोनों पर हमला न हो जाए।

शहाबुद्दीन, छोटा राजन व नीरज बवाना संग बैरक में हैं दोनों
एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद हत्याकांड का आरोपी कुख्यात शूटर मुनीर व उसका साथी पूर्व एएमयू छात्र आशुतोष मिश्रा दिल्ली की तिहाड़ जेल की हाई सिक्योरिटी स्पेशल सेल में रह रहे हैं। इस सेल में चंद चुनिंदा अपराधियों को अगल-बगल की बैरकों में रखा जाता है। जिस बैरक में आशुतोष व मुनीर हैं, उनके अगल-बगल में दिल्ली का कुख्यात नीरज बवाना, बिहार के सीवान का बाहुबली शहाबुद्दीन व मुंबई का डॉन छोटा राजन आदि रहते हैं। इनका एक दूसरे से अक्सर मिलना जुलना भी रहता है। ऐसे में यह लोग क्या खिचड़ी पका लें, कुछ कहा नहीं जा सकता।

दिल्ली व हरियाणा पुलिस भी अलर्ट पर
अलीगढ़ पुलिस द्वारा खुलासा किए जाने के बाद गैंग के सरगना मोंटी को लेकर दिल्ली व हरियाणा पुलिस भी सक्रिय हो गई हैं। अब वह मोंटी के पीछे लग गई हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा। बता दें कि मोंटी यहां मुठभेड़ में दबोचे गए गैंग का सरगना है।

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