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जो मालिक वही चलाएगा ई-रिक्शा

अब किराये पर ई रिक्शा चलवाया तो पंजीकरण रद्द कर उसे सीज कर दिया जाएगा। जिसके नाम से ई रिक्शा खरीदा गया है, उसे ही चलाना होगा। केंद्रीय परिवहन विभाग की इस गाइडलाइन को परिवहन विभाग सख्ती से लागू करने जा रहा है। इससे एक ओर ई रिक्शा से किरायेदारी का चलन खत्म होगा तो दूसरी ओर शहर में 200 से ज्यादा अवैध ई रिक्शों पर कार्रवाई होगी।

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शहर के अंदर लोगों को यातायात की सुविधा देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले शहर के मुख्य मार्गों को छोड़कर अन्य सड़कों पर ई रिक्शे का संचालन शुरू कराया था। देखते ही देखते इनकी संख्या में बढ़ती गई। वर्तमान में दून की सड़कों पर 1400 से अधिक ई रिक्शे दौड़ रहे हैं, लेकिन इनमें से 1200 ही आरटीओ में पंजीकृत हैं। जबकि, 200 से अधिक ई रिक्शे बिना पंजीकरण के चलाए जा रहे हैं। तमाम लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपने और परिजनों के नाम से एक से अधिक ई रिक्शा खरीद लिया है। कुछ ई रिक्शा चालक दबी जुबान में स्वीकार करते हैं कि वे इन्हें 300 रुपये रोजाना के किराये पर चल रहे हैं।

इसके अलावा किराये की दरें तय नहीं होने के कारण ई रिक्शा चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं, लेकिन अब आरटीओ ने ई रिक्शा वालों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत सभी ई रिक्शों की जांच की जाएगी। लाइसेंसधारक ही ई रिक्शा चला सकते हैं। अगर जांच के दौरान कहीं भी ई रिक्शा किराये पर चलता पाया गया तो सीज कर उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। आरटीओ की ओर से मंगलवार से ओवरलोड ई रिक्शा के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा।

यह है नियम
ई रिक्शे के लिए केंद्रीय परिवहन विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, जिस व्यक्ति को ई रिक्शा का लाइसेंस जारी किया जाएगा, वही उसे चलाएगा। अगर लाइसेंसधारक के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति ई रिक्शा चलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत उसे बंद करने के साथ ही पंजीकरण रद्द कर रिक्शा सीज भी किया जा सकता है।

शहर में ई रिक्शा वालों की मनमानी नहीं चलेगी। जो भी ई रिक्शा नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ई रिक्शों की जांच के लिए विभाग की ओर से आज से अभियान शुरू किया जाएगा।

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