Tuesday , November 20 2018
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कहीं आपकी थाली में भी तो नहीं प्‍लास्टिक वाला चावल?

मिलावटी आटे के बाद प्‍लास्टिक वाले चावल मार्केट में आ गए हैं. आपको याद ही होगा कि कुछ समय पहले तेलंगाना में दुकानों पर प्‍लास्टिक चावल बिकने की खबरें आई थीं. कुछ दिन पहले उत्‍तराखंड से आई. बड़ी बात नहीं होगी अगर प्‍लास्टिक वाला ये चावल आपकी थाली तक भी पहुंच गया हो.

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प्‍लास्टिक चावल के साथ सबसे बड़ी दिक्‍कत ये है कि इसे अलग से पहचानना तभी संभव है जब ये अलग बिक रहा हो. अगर साधारण चावल में इसे मिलाकर बेचा जा रहा हो, तो इसकी पहचान करना मुश्किल है. क्‍योंकि कौन सा दाना नकली होगा, इसे आंख से देखकर आप अंदाजा नहीं लगा सकते.

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बहरहाल, प्‍लास्टिक चावलों की इन तरीकों से जांच की जा सकती है-

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– तेल गर्म करें. उसमें थोड़ा चावल डालें. अगर चावल प्‍लास्टिक का होगा तो वो गर्म तेल में चिपक जाएगा.

– थोड़ा चावल लें. उसे कागज पर रखकर जला दें. अगर जलने जैसी बदबू आने लगे तो वो चावल नकली है.
– चावल को पानी में डाल दें. उसे हाथ से चला दें. अगर चावल ऊपर आ जाएगा तो वो नकली है.

– अगर इनसे भी आपका शक दूर ना हो तो एक काम करें. चावल बना लें. उसे एक बोतल में डालकर बंदर कर रख दें. दो से तीन दिन के लिए बंद रहने दें. अगर चावल पर फंफूद आ जाए तो वो असली है. अगर फंफूद ना आए तो वो नकली है क्‍योंकि प्‍लास्टिक चावल पर फंफूद नहीं आती.

क्‍या होता है इस चावल का असर 
प्लास्टिक के जरिए जब हानिकारक केमिकल्स हमारे शरीर में पहुंचते हैं तो कई बीमारियां होती हैं. इससे पेट खराब हो सकता है, आंत डैमेज हो सकती है. इसके अलावा अल्सर का खतरा होता है. लीवर डैमेज होने का खतरा रहता है. कैंसर का खतरा बढ़ता है.

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