Monday , November 19 2018
Loading...

शाम जाकर भोर में रोते हुए आती थीं लड़कियां

बड़ी मैडम कहती थीं कि एक दिन तुम्हारा घमंड टूटेगा न तब पता चलेगा। आज बड़ी खुश हूं। अब बड़ी मैडम का घमंड टूटेगा, देखती हूं उसे कैसे लगता है। कुछ ऐसे ही अल्फाज थे उस बालिका के जिसने बालगृह बालिका की आड़ में चल रहे गोरखधंधे का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई। 13 वर्षीय किशोरी ने बताया कि एक दीदी को बाहर ले जाया जाता था।
Image result for देवरिया यौन शोषण कांड

बड़ी मैडम उन्हें कार में लेकर जाती थी। एक अन्य दीदी को बहलाकर हाथ पकड़ते थे। कभी काली कार आती थी तो कभी सफेद रंग की होती थी। शाम को वह जाती थीं और भोर में रोते हुए आती थीं। उन्हें 200-300 रुपये दे दिए जाते थे। पूछने पर वह कुछ नहीं बताती थीं। किशोरी ने कहा कि बालगृह में बच्चों से झाडू-पोछा कराया जाता था।

बड़ी व छोटी मैडम पीटतीं थीं। पढ़ाई भी होती थी, हम भी पढ़ते थे। हमें आगे भी पढ़ना है। बता दें कि बेतिया (बिहार) की रहने वाली बिहार रविवार को वह मौका पाकर बालगृह के गेट के नीचे से निकली और फिर लोगों की मदद से महिला थाने तक पहुंची। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर ही छापामारी की और 23 लड़कियों को मुक्त कराया।

Loading...
Loading...
loading...