Thursday , February 21 2019
Loading...
Breaking News

इस एक घटना ने डॉ शमशाद को बनाया शिवभक्त

आज के समय में जब हिंदू मुस्लिम के नाम पर दंगे फसाद होते हैं. पॉलिटिक्स भी अब इन दो धर्मों के आस पास ही सिमटकर रह गई है. वहीं इलाहाबाद के रहने वाले डॉ शमशाद लोगों के लिए एक मिसाल हैं. वह एक बहुत बड़े शिवभक्त हैं. पिछले 20 वर्षों से वह हर रोज प्रातः काल के समय शिवतांडव स्त्रोत का पाठ करने के बाद ही अन्य कार्य करते हैं. लेकिन एक मुस्लिम होने के नाते वह पांच वक्त की नमाज भी पढ़ते हैं.
Image result for एक घटना ने डॉ। शमशाद

शाकाहार का पालन करते हैं
शमशाद सावन के महीने में रुद्राभिषेक तो करते ही हैं साथ ही वह पूरी तरह से शाकाहार का भी पालन करते हैं. पेशे से वह होम्योपैथिक डॉक्टर हैं  एक सादगी वाला ज़िंदगी जीते हैं. वह धार्मिक की बजाय आध्यात्मिक बनने की प्रेरणा पर जोर देते हैं.

20 वर्ष पहले प्रारम्भ की थी भक्ति
इलाहाबाद के सैय्यदबाड़ा इलाके के रहने वाले डॉ शमशाद के ज़िंदगी में 20 वर्ष पहले बहुत सी परेशानियां थीं. तभी उनके दोस्त ने उन्हें ईश्वर शिव में विश्वास रखने की सलाह दी  कुछ साहित्य भी पढ़ने को दिए. शमशाद का मानना है कि उन साहित्यों को पढ़ने के बाद उनके ज़िंदगी का अंधेरा दूर होने लगा  वह धीरे धीरे शिव की भक्ति में डूब गए. कुछ समय बाद उनके ज़िंदगी की परेशानियां कम होने लगीं  शिव के प्रति उनकी भक्ति मजबूत होती गई.

कुर्बानी से अच्छा किसी गरीब की मदद करना

शमशाद का मानना है कि कुर्बानी से ज्यादा सुकून किसी गरीब की मदद करने से मिलता है. उन्होंने अपने ज़िंदगी में भी कुर्बानी पूरी तरह से बंद कर दी है. उनका मानना है कि किसी की जान लेकर आखिर किस प्रकार सुकून मिल सकता है. वह बताते हैं कि शिव की पूजा  शिवतांडव का पाठ करने के बाद उन्होंने बगलामुखी  महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना प्रारम्भ किया. उनका कहना है कि उन्हें इससे सुकून मिलता है. वह केवल जुम्मे की नमाज के लिए मस्जिद जाते हैं क्योंकि लोग उनके शिवभक्त होने पर ऐतराज जाते हैं.
loading...