Tuesday , September 25 2018
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देवरिया में भी सामने आया मुजफ्फरपुर जैसा मामला

देवरिया का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि में भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है यहां के हैं एक लड़की की शिकायत पर पुलिस ने रविवार रात छापा मारकर बालिका गृह से 24 बच्चियों लड़कियों को छुड़ाया है जबकि बालिका गृह से 18 लड़कियां अभी भी गायब हैं मामले में पुलिस ने बालिका गृह के संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन तिवारी  बेटी को अरैस्ट किया है

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एक लड़की भागकर पुलिस के पास पहुंची
बता दें कि मां विंध्यवासिनी नाम का बालिका गृह कई वर्ष से शहर के रेलवे स्टेशन रोड से चल रहा था इसकी एक शाखा शहर के रजला गांव में भी चल रही थी इस संस्था की मान्यता एक वर्ष पहले 2017 में स्थगित हो चुकी थी उस समय CBI ने इसकी जांच की थी लेकिन गिरजा त्रिपाठी अपने ऊंची रसूख के चलते गैरकानूनी तरीके से लड़कियों को रख रही थी इसके बावजूद कोई ऑफिसर इन पर हाथ डालने से कतराता था रविवार को जब एक लड़की संस्था से भागकर पुलिस के पास पहुंची तो एसपी रोहन पी कनय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामला का खुलासा किया

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कार से ले जाई जाती हैं लड़कियां
व्यक्तिगत बालिका गृह से भागकर रविवार को पुलिस के पास पहुंची एक बच्ची ने यह आरोप लगाया है कि यहां की पंद्रह से अठारह वर्ष की लड़कियां रात में अलग-अलग गाड़ियों से कही ले जाई जाती हैं इसके बाद अगले दिन प्रातः काल रोते हुए वापस लौटती हैं यही नहीं, यहां लड़कियों से झाड़ू-पोछा  बर्तन भी धुलवाए जाते हैं कई बार जिला प्रोबेशन ऑफिसर  बल संरक्षण ऑफिसरइस संस्था से बच्चियों को हैंडओवर करने के लिए नोटिस दे चुके थे इसके बावजूद गिरजा त्रिपाठी अपने रसूख के चलते बच्चियों को हैंडओवर नहीं कर रही थी

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पांच घंटे हुई छापेमारी
जिला प्रोबेशन ऑफिसर से बदतमीजी भी की गई थी  रविवार को जब एक अंजलि नाम की लड़की वहां से भागकर महिला थाना पहुंची तो एसपी ने संज्ञान लेते हुए पूछताछ की उन्‍होंने भारी पुलिस बल के साथ चार से पांच घंटे की छापेमारी की  गिरजा त्रिपाठी के चंगुल से 24 लड़कियों को मुक्त कराया

एसपी ने दी जानकारी
देवरिया के एसपी रोहन पी कनय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बालिका गृह को गैरकानूनी घोषित किया गया था  इसका चाल-चलन भी अच्छा नहीं था इसमें जिला प्रोबेशन ऑफिसर (डीपीओ) साहब ने हमसे फोर्स की मांग की थी हमने फोर्स दी थी  वहां लड़कियों को रिहा कराने गए थे उसमें कुछ अनियमितता पाई गई है, लेकिन वहां इनको मदद नहीं की गई इनको संस्था द्वारा बदतमीजी कर वापस कर दिया गया था उसमें एक मुकदमा भी दर्ज हुआ था

लड़कियों के साथ होता है गलत व्‍यवहार
एसपी ने बताया कि इसमें कुछ गलत होने का संभावना थी कि कुछ गलत हो रहा है रविवार को संयोग से ऐसा हुआ कि एक लड़की अंजलि जो हमारे बगल में बैठी है तीन वर्ष से उसमें नौकर की तरह कार्य कर रही थी इसके ऊपर जुल्म हो रहा था यह वहां से भाग आई  किसी के योगदान से महिला थाना पहुंच गई इसने बताया कि इसमें पंद्रह से अठारह वर्ष की लकडियां है वो बाहर जाती हैं, उनके साथ गलत व्‍यवहार भी होता है उनको लेने के लिए गाड़ियां आती हैं रात में  प्रातः काल वापस रोते हुए लड़कियां जाती हैं मुझे गलत लगा कि कुछ एडोप्टेशन भी गलत तरीके से हुए हैं

तीन-चार स्थान हुई छापेमारी
एसपी ने बताया कि इसमें डीपीओ साहब  संबंधित विभाग जांच करेगा तीन-चार स्थान छापेमारी की गई 24 लड़कियां  बच्चियां बरामद की गई है इसमें इन्वेस्टिगेशन  किया जाएगा दस पंद्रह बच्चों, बुजुर्गों का पता नहीं चल रहा, ये बल गृह बलिया, गोरखपुर जाएंगे, जो गायब है उसे गिरजा त्रिपाठी से पूछा जाएगा इसमें संचालिका गिरजा त्रिपाठी,उनके पति  बेटी को अरैस्ट किया गया है

सुनाई आपबीती
वहीं बालिका गृह से भागी अंजलि ने बताया कि प्रियंका दीदी बाहर जाती थीं, बड़ी मम्मी ले जाती थीं, जाने से मना करती हैं तो नकाब बांधकर ले जाया जाता है, सफेद कार आती है एक बार काली कार आई थी, एक बार लाल आई थी, प्रातः काल आती थी तो रोती थी उनकी आंख फूल जाती थी कुछ नहीं बताती थी हम वहां झाड़ू पोछा बर्तन करते थे बहुत दिन से

मानव तस्‍करी का मामला
वहीं जिला प्रोबेशन ऑफिसर ने बताया कि मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाजिक सेवा संसथान थी  इन लोगों के विरूद्ध CBI में अनियमितता पाई गई थी उसके आधार पर इनकी मान्यता स्थगित थी  शासन से यह आदेश हुआ था कि यहां की बच्चियों को ट्रांसफर कर दिया जाए लेकिन बार बार कहने के बाद भी इन्होंने इलीगल तरीके से अपने यहां बच्चियों को रखा  ये सीधे-सीधे हुमन ट्रैफिकिंग का मामला है

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