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‘2019 का पहला रुझान, 40 लाख’ वोटों से पीछे है ‘विपक्ष ”

एनआरसी ममाले पर लगातार सियासत जारी है. विपक्षी दल 40 लाख लोगों को गैरकानूनी करार दिए जाने की वजह से लगातार मोदी गवर्नमेंट पर हमला कर रहे हैं. विपक्ष इसे बीजेपी की वोट पॉलिटिक्स  सोचा-समझा गेम प्लान बता रही है. इसके अतिरिक्त कांग्रेस पार्टी के एक सांसद ने इसपर पीएम को सफाई देने के लिए बोला है. वहीं गवर्नमेंट का कहना है कि इसमें हमारा कोई हाथ नहीं है. यह सब सुप्रीम न्यायालय की देख-रेख में हो रहा है. इसी बीच बीजेपी के सांसद  एक्टर परेश रावल ने विपक्ष पर चुटकी ली है.

परेश रावल ने ट्विट कर कहा- ‘2019 का पहला रुझान आ गया है, ‘विपक्ष ’40 लाख’ वोटों से पीछे चल रहा है.‘ उनके इस ट्वीट पर कई लोगों ने अपनी रिएक्शन दी है. महेंद्र नाम के उपभोक्ता ने लिखा, ‘कम से कम 2 करोड़ वोट तो होंगे ही विपक्ष के पास बंग्लादेश+पाकिस्तान+रोहिंग्या घुसपैठियों को मिलाकर.‘ सौरभ सिंह नाम के उपभोक्ता ने लिखा, ’40 लाख लोग कहां जाएंगे, बड़ी चिंता है. 5 लाख कश्मीरी पंडित कहां गए, किसी को चिंता नहीं. क्यों सही बोला न? परेश रावल जी.

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बता दें कि एनआरसी मसले पर विपक्ष अपने कठोर रवैये को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. बुधवार को भी टीएमसी सहित दूसरे सांसदों ने राज्यसभा में बहुत ज्यादा हंगामा किया. विपक्ष ने अमित शाह को अपनी बात समाप्त करने का मौका नहीं दिया. तृणमूल कांग्रेस पार्टी का कहना है कि असम हमारा पड़ोसी है  हम अपने पड़ोसी के साथ हो रहे अन्याय पर चुप नहीं बैठेंगे. उनका यह भी कहना है कि असम की तरह पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू होता है तो गृहयुद्ध छिड़ जाएगा  रक्तपात होगा. उनके इस बयान की बीजेपी  कांग्रेस पार्टी ने निंदा की है.

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वहीं पश्चिम बंगाल से बीजेपी नेता रूपा गांगुली ने ममता पर पलटवार करते हुए बोला है, ‘क्या वह जानती हैं कि पश्चिम बंगाल में बहुत सारे गैरकानूनी घुसपैठिए रहते हैं? बंगाल में आज यही हो रहा है, क्या यह रक्तपात या गृह युद्ध से कम है? क्या उन्हें यह नहीं मालूम कि हर दूसरे दिन बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं को मारा जा रहा है.‘ बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय एनआरसी को बंगाल में तो सांसद मनोज तिवारी इसे दिल्ली में भी लागू करने की मांग कर रहे हैं.

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