Friday , September 21 2018
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राजस्थान में खूब चल रहा है खाते में दे दो पैसे, आखिर क्या है ये नया बवाल

रशीद बीकानेर में टैक्सी ड्राइवर है. उसने भामाशाह कार्ड बनवाया  आईसीआईसीआई बैंक में खाता भी खुलवाया. रशीद को उम्मीद थी कि उसे पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुरुप 15 लाख रुपये दिए जाने हैं, अधिकारियों मे भी उसे यही लालच दिया था, लेकिन अब रशीद को लग रहा है कि उसके साथ धोखा हो गया. पैसे नहीं आए  बैंक वाले अब उससे खाते में पैसा डालने को कह रहे हैं. करे तो क्या करे? यह स्थिति बीकानेर में चलते फिरते सड़क पर सुनी जा सकती है.
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नोटबंदी के दौरान नहीं लिया लाभ

दूसरा तर्क सुनिए. खाता खुलने के बाद कई परिचितों ने रशीद से अपने खाते में पैसा डालने को कहा.लालच भी दिया कि पैसा अपने खाते में डाल दे  बाद में उसका एक भाग रखकर बाकी वापस कर दे.रशीद ने बताया कि उसने 15 लाख रुपये के लालच में अपने अकाऊंट को जीरो बैलेंस ही रखा. वह कहता है कि यह स्थिति उसके जिले में बहुत से लोगों की है.

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आज सब पछतावा कर रहे हैं. रशीद के मुताबिक पछतावा यही है कि न तो नोटबंदी का लाभ उठा पाए  न ही 15 लाख रुपये में से एक कौड़ी भी आई. जब रशीद की इस जुबानी पर अधिकारियों से चर्चा की गई तो वे ठहाके लगाकर एक किनारे खड़े हो गए. बीकानेर में आयोजित डिजिफेस्ट में आने वाले लोकल लोगों में से कई को भी 15 लाख रुपये खाते में आना अब एक जुमला लगने लगा है.

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वसुंधरा विरोधी लहर

वसुंधरा राजे गवर्नमेंट विरोधी लहर को सुनना हो तो जयपुर से लेकर बीकानेर कहीं भी खड़े हो जाइए.राज्य गवर्नमेंट के ऑफिसर से लेकर लोकल तक 10 में छह गवर्नमेंट के साथ नाराजगी बताते मिलेंगे. तीन लोगों को इस तरह का कुछ नहीं लग रहा है  एक आदमी कुछ न कह पाने की स्थिति वाला मिलेगा. बीकानेर के पंचायती राजस्व विभाग के अफसरों का भी कहना है कि राज्य गवर्नमेंटके विरूद्ध नाराजगी बढ़ रही है. एक नारा भी खूब चल रहा है. एट पीएम नो सीएम. यानी आठ बजे रात के बाद CM नहीं मिलती.

वहीं वसुंधरा गवर्नमेंट के कुछ अधिकारी इसे राज्य गवर्नमेंट के लिए 2013 वाली स्थिति बताते हैं.उनका कहना है कि जैसे शीला दीक्षित ने दिल्ली में खूब कार्य किया  उनकी गवर्नमेंट केन्द्र की मनमोहन गवर्नमेंट के घोटालों, नाकामियों के कारण पराजय गई, वही स्थिति राजस्थान में भी है.यहां जनता इसके चलते वसुंधरा राजे से नाराज है.

मोदी तुझसे बैर नहीं
यह भी एक दृश्य है. झुनझुनू में लगा नारा बीकानेर तक स्थान बनाए है. नारा है वसुंधरा तेरी खैर नहीं, मोदी तुझसे बैर नहीं. यानी लोग वसुंधरा राजे गवर्नमेंट से तो नाराज हैं, लेकिन मोदी गवर्नमेंट से कोई नाराजगी नहीं है. पीएम की लोकप्रियता में गिरावट बहुत कम हुई है. यह पूछने पर कि क्या पीएम की अपील पर लोग वसुंधरा राजे (भाजपा) को वोट देंगे तो अधिकतर लोगों का कहना है कि पीएम के जनता के बीच में आने पर इसकी गुंजाइश बन सकती है. राजस्थान परंपराओं वाला राज्य है. राजशाही  अतिथि की कद्र करता है. लेकिन यह सवाल कि क्या CM वसुंधरा राजे सत्ता में लौटकर आ रही हैं तो फिर लोगों की गवर्नमेंट से नाराजगी दिख जाती है.

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