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    Categories: राजनीति

संसद की इन बैठकों में दिखेंगे ये सात रंग, जाने कौन से है वो रंग

संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार के कौशल के सहारे सत्ता पक्ष संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की धार कुंद करने के लिए तैयार है. वहीं, विपक्ष के पास संसद में गवर्नमेंट को घेरने के लिए दस दिन (कार्य दिवस) बचे हैं. संसद का मानसून सत्र दस अगस्त तक के लिए ही प्रस्तावित है. विपक्ष के नेताओं का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव के सहारे कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी गवर्नमेंट को घेरने में पास रहे हैं. वहीं, अब बारी केन्द्र गवर्नमेंट की है. कई मुद्दे  चुनौतियां है. समझा जा रहा है कि पीएमकी अध्यक्षता में सत्ता पक्ष के रणनीतिकार विपक्षी दावे की हवा निकाल सकते हैं.

राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव

विपक्ष राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव चाहता है. समझा जा रहा है कि सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता अधीन नबी आजाद इसपर कोई पहल कर सकते हैं. हालांकि सदन के उपनेता आनंद शर्मा को मानसून सत्र में इस चुनाव के होने की आसार कम नजर आ रही है. संसदीय काम राज्यमंत्री विजय गोयल इस सवाल का कोई सटीक उत्तर नहीं दे रहे हैं. राज्यसभा में वैसे भी सत्ता पक्ष के पास बहुमत नहीं है, लेकिन वह अपने उम्मीदवार को उपसभापति के रूप में देखना चाहता है. यह सत्ता पक्ष के लिए विपक्षी एकता में सेंध लगाने के मौका की तरह है, लेकिन सूत्र बताते हैं गवर्नमेंटसावधानी से चलना चाह रही है.

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महिला आरक्षण

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कांग्रेस पार्टी की सांसद  महिला कांग्रेस पार्टी की सुष्मिता देव ने महिला आरक्षण के लिए कमर कस रखी है. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का सुष्मिता देव के इस कोशिश को समर्थन है. यूपीए चेयरपर्सन भी सुष्मिता देव की पहल से खुश हैं. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने पीएम को लेटर लिख दिया है.विपक्ष इसे सत्ता पक्ष के तीन तलाक के बिल का ठोस जवाब मान रहा है. विपक्ष का कहना है कि वह गवर्नमेंट को तीन तलाक पर भी साथ देने को तैयार है. बशर्ते गवर्नमेंट पीड़ित स्त्रियों को मुआवजा देना स्वीकार कर ले. फिल्हाल विपक्ष महिला आरक्षण को लेकर सात अगस्त को सड़क से संसद तक आंदोलन  मुद्दे पर मांग तेज करने के लिए कमर कस रहा है.

केन्द्र गवर्नमेंट के पास अभी महिला आरक्षण के मुद्दे पर टाल-मटोल की स्थिति है. मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इसे यूपीए गवर्नमेंट के दौर से जोड़ देते हैं. उनका कहना है कि यूपीए गवर्नमेंट के समय में बीजेपी इसे समर्थन दे रही थी, लेकिन तब तत्कालीन गवर्नमेंट के सहयोगियों ने इसका विरोध कर दिया था. यह न होता तो महिला आरक्षण विधेयक को बहुत ज्यादा पहले मंजूरी मिल जाती.

अनुसूचित जाति, जनजाति

अनुसूचित जाति, जनजाति के संगठन, राजनीतिक दल बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. जन सम्मान पार्टी मध्य प्रदेश के रीवा एरिया में बड़ा जनाधार खड़ा कर रही है. मध्य प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होना है. इसके नेता अशोक भारती का कहना है कि राष्ट्र भर के दलित केन्द्र गवर्नमेंट के रवैये से नाराज हैं. अशोक भारती का कहना है कि नौ अगस्त को हम राष्ट्रव्यापी आंदोलन कर रहे हैं. गवर्नमेंट के सहयोगी दल लोजपा  रालोसपा ने पहले ही केन्द्र गवर्नमेंट पर दलित उत्पीड़न को लेकर अध्यादेश लाने का दबाव बना रखा है. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई दलों को अनुसूचित जाति, जनजाति की मांग का समर्थन हासिल है. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने इसके मामले में पीएम को खुला लेटर लिखा है. नौ अगस्त को इस मुद्दे पर सड़क से संसद तक मुद्दा उठाने, मांग करने, बंद का आह्वान करने की तैयारी है.

केन्द्र गवर्नमेंट विपक्ष को इसका श्रेय न लेने देने की तैयारी कर रही है. सूत्र बताते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. संसद में गवर्नमेंट के पक्ष को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से भी मंत्रणा हुई है. मंगलवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड की मीटिंग में सत्ता पक्ष की नयीरणनीति का इशारा मिल सकता है.

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