Thursday , September 20 2018
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तालिबान ने एक ही परिवार के 16 लोगों को उतारा मौत के घाट

कभी किसी भी युग में जुल्‍म, आतंक  बंदूक के दम पर आवाज को कुचला नहीं जा सका हैपाकिस्‍तान चुनाव में कबायली इलाके वजीरिस्‍तार से ताल्‍लुक रखने वाले मार्क्‍सवादी नेता अली वजीर के ऊपर यह कहावत एकदम सही बैठती है पश्‍तून लोगों के हक-हूकूक, नागरिक अधिकारों, आतंक की भेंट चढ़े पीडि़तों के मुआवजे  लापता लोगों को रिहा करने की मांग करने वाले पश्‍तून तहाफुज मूवमेंट (पीटीएम) के नेता  वामपंथी विचारों वाले अली वजीर कबायली एरिया की नेशनल असेंबली-50 सीट से पाकिस्‍तान की संसद के लिए चुने गए

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इस इलाके में धर्म के आधार पर उन्‍मादी दहशतगर्दों का बोलबाला है इसके बावजूद उन्‍होंने धार्मिक पार्टियों से ताल्‍लुक रखने वाले साझेदारी एमएमए के प्रत्‍याशी को भारी मतों से शिकस्‍त दीपाकिस्‍तान के वामंपथी धड़े द स्‍ट्रगल की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अली वजीर को इमरान खान ने अपनी पार्टी पीटीआई के बैनर तले लड़ने को बोला था लेकिन अली ने मना कर दिया  निर्दलीय प्रत्‍याशी के रूप में खड़े हुए हालांकि इनके समर्थन में अली ने अपने प्रत्‍याशी को इस सीट से खड़ा नहीं किया पीटीएम से जुड़े दो अन्‍य नेता भी सांसद बने हैं

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अली वजीर
साउथ वजीरिस्‍तान एजेंसी इलाके के हेडक्‍वार्टर वाना से ताल्‍लुक रखते हैं वजीरिस्‍तान का यही ऐसा एरिया है जहां तालिबानी आतंकवादियों ने सबसे पहले शरण लेनी प्रारम्भ की थी उसके बाद इस इलाके में अपने नियम-कायदे लागू करने प्रारम्भ कर दिए अली वजीर के पिता उस इलाके की अहमदजई वजीर कबीले के मुखिया थे उन्‍होंने आतंकवादियों की बढ़ती उपस्थिति का विरोध किया लेकिन 2003 तक नार्थ  साउथ वजीरिस्‍तान कबायली इलाके में आतंकवादियों ने जबर्दस्‍त पैठ बना ली उसके बाद इन तत्‍वों का विरोध करने वाले लोगों में सबसे पहले अली वजीर के बड़े भाई फारूक वजीर को आतंकवादियों ने निशाना बनाया उसके बाद से लेकर अब तक वजीरिस्तिान में आतंकवादियों का विरोध करने वाले हजारों पश्‍तूनों का कत्‍ल कर दिया गया

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2005 में अली वजीर जब कारागार में ही थे, उसी दौरान उनके पिता, भाईयों, चाचा  चचेरे भाईयों को एक साथ मौत के घाट उतार दिया गया अली वजीर को उनके जनाजे को कंधा देने के लिए भी छोड़ा गया वह एक औपनिवेशिक कानून (एफसीआर) की वजह से कारागार में रखा गया था जिसके चलते इस एरिया में होने वाली किसी भी एक आप‍राधिक घटना के लिए पूरे कबीले या एरिया को जिम्‍मेदार ठहरा दिया जाता था  कारागार में ठूंस दिया जाता था उसके बाद के सालों मे उनके परिवार के छह  लोगों की हत्‍या कर दी गई एक ही परिवार के 16 लोगों को कत्‍ल किए जाने के बावजूद आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई अली वजीर के परिवार के लोग गैस स्‍टेशनों को चलाते थे परिवार के सभी अहम पुरुषों की मौत के बाद उन स्‍टेशनों को चलाना कठिन हो गया वाना में उनके सेब के बगीचों में जहरीले केमिकल से स्‍प्रे कर दिया उनके ट्यूबवेलों में मिट्टी डाल दी गई ताकि अली वजीर का परिवार टूट जाए

इतना जुल्‍म सहने के बावजूद अली वजीर की जन आंदोलनों में आस्‍था बनी रही  वह वर्ग प्रयत्न की पॉलिटिक्स के लिए प्रतिबद्ध रहे 2008  2013 में भी वह चुनाव लड़े अली वजीर पाकिस्‍तानी मार्क्‍सवादी संगठन द स्‍ट्रगल से जुड़े हैं यह संगठन लाहौर लेफ्ट फ्रंट से जुड़ा है राष्ट्र के सभी लेफ्ट समूहों  संगठनों का ये संयुक्‍त फ्रंट है

इमरान खान की पीटीआई 116 सीटों के साथ बनी सबसे बड़ी पार्टी
इस बीच पाक चुनाव आयोग की ओर से 28 जुलाई को जारी किए गए अंतिम नतीजों के मुताबिक इमरान खान की पार्टी पाक तहरीक-ए-इंसाफ आम चुनावों में 116 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है नेशनल असेंबली की कुल 270 सीटों पर चुनाव हुए थे बीते 25 जुलाई को हुए मतदान के बाद वोटों की धीमी गिनती  चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच आयोग ने अंतिम नतीजों का ऐलान किया चुनाव आयोग को वोटों की गिनती कराने में दो दिन से ज्यादा का वक्त लग गयापाक चुनाव आयोग (ईसीपी) के अनुसार, संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के लिए हुए चुनावों में पीटीआई ने 116 सीटें जीतकर अपनी स्थिति बहुत ज्यादा मजबूत कर ली है

नवाज शरीफ की पार्टी दूसरे नंबर पर खिसकी
करप्शन के आरोप में कारागार में बंद पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ की पार्टी पाक मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 64 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर जबकि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाक पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 43 सीटों के साथ तीसरे पायदान पर है मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमएपी) 13 सीटों के साथ चौथे जगह पर रही 13 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की है, जिनकी किरदार अहम होगी क्योंकि पीटीआई को केंद्र में गवर्नमेंट बनाने के लिए उनके समर्थन की आवश्यकता होगी 16,857,035 वोटों के साथ पीटीआई पहले, 12,894,225 वोटों के साथ पीएमएल-एन दूसरे  6,894,296 वोटों के साथ पीपीपी तीसरे पायदान पर है

चुनाव आयोग ने बोला कि वोटरों की ओर से डाले गए कुल वोटों के लिहाज से निर्दलीय उम्मीदवार चौथे सबसे बड़े समूह के तौर पर उभरे हैं  उन्हें कुल 6,011,297 वोट मिले हैं बहरहाल, इमरान की पीटीआई को साधारण बहुमत के लिए महत्वपूर्ण 137 सीटें नहीं मिल पाई कराची में दशकों तक शासन करने वाले मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाक (एमक्यूएमपी) को सिर्फ छह सीटें मिल सकींआयोग ने चुनावों में हर पार्टी को मिले वोटों की कुल संख्या भी जारी की है धार्मिक पार्टियों में एमएमएपी को 2,530452, तहरीक-ए-लबैक पाक को 2,191,679  अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक को 171,441 वोट मिले हैं

आयोग ने नेशनल असेंबली एवं प्रांतीय विधानसभाओं के लिए हुए चुनावों में वोटरों के अंतिम वोट फीसदी भी जारी किए इसके अनुसार, नेशनल असेंबली (एनए) के लिए हुए चुनाव में 51.7 प्रतिशत, पंजाब विधानसभा चुनाव में 55 प्रतिशत, सिंध विधानसभा चुनाव में 47.6 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा चुनाव में 45.5  बलूचिस्तान विधानसभा चुनाव में 45.2 फीसदी वोट पड़े थे

प्रांतीय विधानसभाओं के लिए हुए चुनावों के नतीजे भी घोषित कर दिए गए पंजाब में 129 सीटों के साथ पीएमएल-एन जबकि सिंध में 76 सीटों के साथ पीपीपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी हैखैबर-पख्तूनख्वा में पीटीआई 66 सीटों के साथ  बलूचिस्तान में बलूचिस्तान अवामी पार्टी 15 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी

कट्टरपंथी सुन्नी बरेलवी पंथ को मानने वालों की पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाक (टीएलपी) को सिंध विधानसभा में दो सीटें मिली टीएलपी ने पहली बार चुनावों में भाग लिया था चुनावों के नतीजों के ऐलान में देरी होने की वजह से हारने वाली पार्टियों में गुस्सा देखा गया उन्होंने साजिश  धोखाधड़ी के आरोप लगाए

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