Wednesday , December 19 2018
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हिन्दुस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि: अब दुश्‍मनों की मिसाइल व विमान को आसमान में कर देगा नष्‍ट

राष्ट्र की राजधानी दिल्‍ली को बेहद सुरक्षित बनाने की पहल तेज हो गई है इसी क्रम में अब दिल्‍ली को मिसाइल रक्षा कवच से लैस करने की तैयारी है इस मिसाइल रक्षा कवच से दिल्‍ली को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन  रूस की राजधानी मॉस्‍को के समान सुरक्षा मिल सकेगीटाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित समाचार के मुताबिक की अध्‍यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की मीटिंग में नेशनल एडवांस्‍ड सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्‍टम-2 (NASAMS-2) के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी गई है इस मिसाइल सिस्‍टम को अमेरिका से एक अरब डॉलर में खरीदा जाना है

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दिल्‍ली की सुरक्षा होगी अभेद्य
दिल्‍ली को मिसाइल सिस्‍टम से सुरक्षित करने के साथ ही दिल्‍ली में वीआईपी एरिया के नो फ्लाई जोन को भी दोबारा से नया रूप दिया जाएगा वहीं दुश्‍मनों के विमानों को भी मार गिराने के प्रोटोकॉल को भी सुधारा जाएगा इसी के साथ ही दिल्‍ली एरिया के पूरे एयर डिफेंस प्‍लान के तहत नयी दिल्‍ली के वीआईपी-89 एरिया को भी दोबारा से गठित करने की भी तैयारी है इस एरिया में राष्‍ट्रपति भवन, संसद, नॉर्थ ब्‍लॉक, साउथ ब्‍लॉक जैसे अहम प्रतिष्‍ठान शामिल हैं

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अत्‍याधुनिक है मिसाइल सिस्‍टम
जिस NASAMS से दिल्‍ली को रक्षा कवच देने की तैयारी चल रही है, उसमें एक थ्री डी सेंटीनेल राडार होगा, शॉर्ट  मीडियम रेंज की मिसाइलें होंगी  लांच सिस्‍टम होगा साथ ही इसमें वाशिंगटन के डिफेंस नेटवर्क की ही तरह दुश्‍मनों की मिसाइलों को आसमान में ही कम समय में ट्रैक करने  उन्‍हें नष्‍ट करने के लिए फ्री डिस्ट्रिब्‍यूशन सेंटर के अतिरिक्त कमांड  कंट्रोल यूनिट होंगी

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इजरायल  रूस के पास भी
अमेरिका निर्मित NASAMS को कई नाटो राष्ट्रों के मिशन में भी इस्‍तेमाल किया जा चुका है वहीं अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन के अलाव यह मिसाइल सिस्‍टम इजरायली शहरों  रूस के मॉस्‍को शहर को भी सुरक्षा प्रदान कर रहा है वहां उनके पास खुद के मिसाइल सिस्‍टम हैं  इजरायल तो फलीस्‍तीन लड़ाकों की ओर से आने वाली मिसाइलों को प्रतिदिन ही आसमान में नष्‍ट करता है

डीआरडीओ बना रहा ताकतवर स्‍वदेशी मिसाइल रक्षा कवच
हिंदुस्तान का भी ऐसी ही तकनीक विकसित कर रहा है वह स्‍वदेशी मिसाइल सिस्‍टम बना रहा हैयह निर्माण इस समय अंतिम चरण में है डीआरडीओ टू टियर बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस शील्‍ड (बीएमएस) बना रहा है यह सिस्‍टम पृथ्‍वी के वायुमंडल के अंदर  बाहर से आने वाली दुश्‍मनों की मिसाइलों को पहचानने  उन्‍हें नष्‍ट करने में सक्षम होगा माना जा रहा है कि जैसे ही इस प्रोजेक्‍ट का पहला चरण पूरा होगा तो इसे दिल्‍ली  मुंबई समेत राष्ट्र के बड़े शहरों को हवाई सुरक्षा देने के लिए स्‍थापित कर दिया जाएगा इसका स्‍ट्राइक 2000 किमी का है

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