Wednesday , September 26 2018
Loading...
Breaking News

गुरु पूर्णिमा व चंद्र ग्रहण एक अगर हुई बारिश तो ये हो सकता है दुष्प्रभाव

27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर सदी का सबसे लंबा  चंद्र ग्रहण लगेगा. इस चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 55 मिनट की होगी. ग्रहण रात 11 बजकर 54 मिनट से प्रारम्भ हो जाएगा जो 28 जुलाई की प्रातः काल 3 बजकर 49 मिनट पर खत्म होगा. इससे पहले 26 जुलाई, 1953 को लंबी अवधि वाला चंद्र ग्रहण लगा था. यह चंद्र ग्रहण हिंदुस्तान समेत म्यांमार, चीन, ताईवान, अमेरिका आदि कई राष्ट्रों में दिखाई देगा. इस दौरान चांद का रंग पूरी तरह से लाल होगा.
Image result for गुरु पूर्णिमा व चंद्र ग्रहण एक अगर हुई बारिश तो ये हो सकता है दुष्प्रभाव

बता दें कि यह इस वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा. इससे पहले 31 जनवरी को भी माघी पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगा था. तब इसकी अवधि 3 घंटे 24 मिनट थी. इस ग्रहण का सूतक दोपहर 2 बजकर 54 मिनट पर प्रारम्भ हो जाएगा. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. अगले दिन मंदिरों शुद्धि के बाद ही पूजा-पाठ प्रारम्भ होगा.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या ना करें
सूतक लगने से ग्रहण के खत्म होने तक घर के मंदिर का द्वार बंद रखें. ईश्वर की मूर्तियों को भी स्पर्श न करें. गर्भवती स्त्रियों को इससे सबसे ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है. गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय घर से बाहर न निकलें  न ही सूतक से लेकर ग्रहण अवधि के बीच भोजन करें. सूतक लगने से पहले ही खाना बना लें, क्योंकि इस दौरान खाना बनाना अशुभ होता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल से पूरे घर  पूजा घर की शुद्धि करें  उसके बाद स्नान करके ही भोजन करें.

Loading...

बारिश के मौसम में भी पड़ेगा ग्रहण का प्रभाव? 

loading...

वैसे तो आमतौर पर माना जाता है कि ग्रहण के की दुष्प्रभाव होते हैं. लेकिन बारिश के मौसम को देखते हुए ज्योतिषियों का मानना है कि चंद्र ग्रहण के दौरान या कुछ देर के बाद अगर हल्की भी बारिश हो जाए तो ग्रहण का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाएगा.

17 वर्ष बाद ऐसा दुर्लभ संयोग

17 वर्ष के बाद ऐसा दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा कि गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण हो. इससे पहले 9 जनवरी, 2001 को गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगा था. अतीत की अगर बात करें तो गुरु पूर्णिमा पर साल 1953 से अब तक चार बार चंद्र ग्रहण लग चुका है  यह पांचवां चंद्र ग्रहण होगा. गुरु पूर्णिमा पर 26 जुलाई 1953 को चंद्र ग्रहण लगा था. उसके बाद 15 जुलाई 1954, 16 जुलाई 2000  अंतिम बार 9 जनवरी 2001 को चंद्र ग्रहण लगा था. भविष्य की अगर बात करें तो अगले वर्ष 16 जुलाई को भी ऐसा ही दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा. 

राशियों पर ग्रहण का क्या होगा असर 
राशियों पर भी इस चंद्र ग्रहण का असर  दुष्प्रभाव देखने को मिलेगा. वृष राशि वाले इस दौरान चिंता से ग्रस्त रहेंगे. कर्क राशि वालों को भी कष्ट होने की आसार है. कन्या राशि वालों को डर होगा, मिथुन राशि वालों को क्षति हो सकती है, धनु राशि वाले तनाव से ग्रस्त रहेंगे, मकर राशि वालों को मानसिक कष्ट हो सकता है, जबकि कुंभ राशि वालों पर इसका मिश्रित असर देखने को मिलेगा. इसके अतिरिक्त मेष राशि, सिंह राशि  मीन राशि वालों को इसके कारण फायदा हो सकता है. वहीं, वृश्चिक राशि वालों को भी सुख की प्राप्ति होगी.
Loading...
loading...