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    Categories: क्राइम

22 दिन के निर्णय में न्यायालय ने सुनाई फांसी की सजा

राष्ट्र में हालत यह हो चुके है कि आपराधिक प्रवति के लोग मासूम बच्चियों को भी अपनी दरिंदगी का शिकार बना रहे है। लेकिन इन सब के बीच एक राहत देने वाली समाचार यह आई है कि राजस्थान के अलवर में न्यायालय ने एक मामले में 22 दिन में निर्णय सुना दिया था। जिसे कुछ दिनों तक सुरक्षित रखा गया था। अब उसमे कल यानि की शनिवार को बड़ा निर्णय सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुना दी गई है।

पॉक्सो एक्ट के तहत राजस्थान में ये पहला मामला है, जिसमें फांसी की सजा सुनाई गई है। राजस्थान के अलवर में 7 महीने की बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। 7 महीने की बच्ची के साथ बलात्कार मामले में आरोपी पिंटू ठाकुर 19 साल को न्यायालय में शनिवार को फांसी की सजा दे दी गई है।

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यहाँ पर जज जगेंद्र अग्रवाल ने बोला जो सिर्फ हंसना व रोना ही जानती है, उसके साथ ऐसा कृत्य इन्सानियत को शर्मसार करने वाला है। जब वह सोचने समझने के लायक होगी तो उसे महसूस होगा कि धरती पर जन्म लेना उसके लिए अभिशाप था। बता दें कि यह निर्णय महज 73 दिन में सुनाया गया है।

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