Wednesday , November 14 2018
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प्रदूषित इलाकों में भी घट सकता है हार्ट अटैक का खतरा

रोजाना व्यायाम करने वाले लोगों में यातायात से होने वाले प्रदूषण के मध्यम से लेकर उच्च स्तर वाले इलाकों में रहने के बावजूद दिल के दौरे का खतरा कम हो सकता है एक नये अध्ययन में यह बात पता चली है डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय की शोध छात्रा नाडिन कुबेश ने बोला , ‘‘ जहां यह बात पता है कि व्यायाम से दिल संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है , प्रदूषण से दिल के दौरे , दमा  फेफड़े की पुरानी बीमारियों सहित दिल संबंधी रोगों का खतरा बढ़ सकता है ’’

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‘ जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ’ में प्रकाशित हुए अध्ययन में मुख्य किरदार निभाने वाली कुबेश ने बोला , ‘‘ इस समय इस विषय में बहुत कम आंकड़े मौजूद हैं जिनसे पता चले कि क्या दिल के दौरे को रोकने में शारीरिक गतिविधि के फायदा बेकार वायु गुणवत्ता से प्रभावित होते हैं ’’ डेनमार्क , जर्मनी  स्पेन के शोधकर्ताओं ने 50 से 65 वर्ष की आयु के 51,868 वयस्कों में खेलकूद , साइकिलिंग , टहलने आदि  प्रदूषण के संपर्क के बीच संबंधों का निरीक्षण किया अध्ययन में पता चला कि प्रदूषण के ऊंचे स्तर का दिल के दौरे से संबंध है लेकिन यह खतरा व्यायाम करने वाले लोगों में कम था

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दिल की बीमारी से हिंदुस्तान में सबसे ज़्यादा मौतें, 1 लाख की आबादी पर 272 को दिल रोग
यूपी की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हृदय-रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर ऋषि सेठी ने हार्ट अटैक पर राष्ट्र की पहली मार्गदर्शिका जारी की है इसमें उन्होंने खुलासा किया है कि संसार में सबसे ज्यादा दिल रोगी हिंदुस्तान में हैं इसके अतिरिक्त राष्ट्र में सर्वाधिक मौतें भी इस रोग के कारण होती हैं इसके बचाव के लिए उन्होंने तम्बाकू नियंत्रण एवं व्यायाम को बढ़ावा देने की बात कही है

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प्रो ऋषि सेठी ने बताया कि हिंदुस्तान में होने वाली 25 फीसदी मृत्यु का जिम्मेदार है दिल रोगसंसार में हर 1 लाख जनसंख्या पर 235 लोगों को दिल रोग होते हैं पर हिंदुस्तान में 272 को यह बीमारी होती है इसीलिए दिल रोग से बचाव  इलाज के लिए, हमारे राष्ट्र के लिए प्रासंगिक मार्गदर्शिका हो हिंदुस्तान के अनेक अस्पतालों में औसतन आयु जिस पर रोगी दिल रोग के साथ उपचार के लिए आता है

उन्होंने बताया कि जितने लोगों की मृत्यु दिल संबंधी रोग के कारण हिंदुस्तान में होती है, उतनी मृत्यु दर किसी भी  रोग का नहीं है इसके बावजूद, दिल रोग का खतरा कम करने के लिए वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रोग्राम हम लोग लागू कर पा रहे हैं उदहारण के तौर पर, तंबाकू नियंत्रण प्रभावकारी ढंग से जमीनी स्तर पर लागू हो, हमारी जीवनशैली में शारीरिक व्यायाम पर्याप्त होना चाहिए

प्रो ऋषि सेठी ने बताया कि यह किताब हार्ट रोगियों के लिए बहुत ज्यादा अच्छा साबित होगी इसमें वह कैसे लंबे समय तक स्वस्थ रहें, इस पर विस्तार से चर्चा की गई है उन्हें उपचार के बारे में भी तथ्य सहित बताया गया है हार्ट के उपचार में भी बहुत ज्यादा आर्थिक असमानताएं है उन्होंने बोला कि खुद रोगी को तंबाकू शराब से दूर रहकर 30 मिनट टहलना ही सबसे बड़ा उपचार है

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