Wednesday , September 19 2018
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नवाज मामले में जजमेंट के लिए प्रेशर बना रही ISI

पाकिस्तानी न्यायालय के एक न्यायाधीश ने शनिवार(21 जुलाई) को आरोप लगाया कि राष्ट्र की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई सहित अन्य मामलों में अनुकूल निर्णय के लिए मुख्य न्यायाधीश  अन्य न्यायाधीशों पर दबाव डाल रही है इस्लामाबाद न्यायालय के न्यायाधीश शौकत सिद्दिकी रावलपिंडी बार एसोसिएशन में बोल रहे थे उन्होंने न्यायपालिका  मीडिया पर ‘‘ नियंत्रण ’’ को लेकर आईएसआई को आड़े हाथ लिया उन्होंने कहा, ‘‘आज न्यापालिका  मीडिया बंदूकवाला (सेना) के नियंत्रण में आ गए हैं

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न्यायपालिका स्वतंत्र नहीं है यहां तक कि मीडिया को भी सेना से आदेश मिल रहे हैं मीडिया हकीकत नहीं बोल रहा है क्योंकि वह दबाव में है  उसके अपने हित हैं ’’ उन्होंने बोला , ‘‘ अलग अलग मामलों में आईएसआई वांछित परिणाम हासिल करने के लिए अपनी पसंद की पीठें गठित कराती है आईएसआई ने मुख्य न्यायाधीश से यह सुनिश्चित करने के लिए बोला है कि नवाज शरीफ  उनकी बेटी मरियम नवाज 25 जुलाई को होने वाले चुनाव से पहले कारागार से बाहर नहीं आयें उसने उनसे यह भी बोला है कि एवेनफील्ड मामले में नवाज शरीफ  उनकी पुत्री की अपील की सुनवायी कर रही पीठ में मुझे शामिल नहीं करें

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मुख्य न्यायाधीश ने आईएसआई से बोला कि वह उसकी पसंद की पीठ बनाएंगे ’’ पीठ ने शरीफ परिवार के सदस्यों की अपील पर सुनवायी चुनाव से बाद करना तय किया शरीफ  मरियम दोनों एवेनफील्ड करप्शन मामले में रावलपिंडी स्थित अडियाला कारागार में क्रमश : 10 साल  सात साल की सजा काट रहे हैं दोनों को गत 13 जुलाई को लंदन से स्वदेश पहुंचने पर अरैस्ट कर लिया गया था दोनों को एक जवाबदेही न्यायालय ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में परिवार के चार फ्लैटों के स्वामित्व को लेकर दोषी पाया था

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पाकिस्तान में मीडिया की हालत ‘बदतर’, न्यायपालिका की चुप्पी से ‘डर’ का माहौल
पत्रकारों के अधिकारों के लिए कार्य करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने पाक में संसदीय चुनाव से पहले मीडिया सामने उत्पन्न स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं न्यूयार्क के संगठन कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने शनिवर (21 जुलाई) को अपनी एक नयी रिपोर्ट में बोला है कि सेना एवं सरकारी अधिकारियों की आलोचना करने वाले पत्रकारों का अपहरण कर लिया जाता है या उन पर हमला किया जाता है

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि कैसे सेना के प्रवक्ता ने पत्रकारों को गवर्नमेंट एवं सेना विरोधी दुष्प्रचार साझा करने का आरोपी ठहराया  पाक के दो सबसे बड़े मीडिया संगठनों – जियो टीवी डॉन का वितरण मनमाने तरीके से सीमित कर दिया गया

सीपीजे शोधकर्ता आलिया इफ्तिकार ने अपनी इस रिपोर्ट में कई पाकिस्तानी पत्रकारों का हवाला दिया है जिन्होंने बोला है कि न्यायपालिका की चुप्पी से ‘ डर  आत्म सेंसरशिप का माहौल’ बढ़ता जा रहा है

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