Thursday , September 20 2018
Loading...

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी बोले: अमेरिका के लिए समझौतों का कोई मायने नहीं

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने शनिवार (21 जुलाई) को बोला कि अमेरिका से वार्ता ‘‘बेकार’’ है, क्योंकि वह समझौतों का मान नहीं रखता यहां ईरानी राजनयिकों की एक सभा को संबोधित करते हुए खमैनी ने कहा, ‘‘ जैसा कि मैंने पहले बोला है, हम अमेरिका के शब्दों  यहां तक कि उनके दस्तखत पर भी यकीन नहीं कर सकते लिहाजा, उनसे वार्ता बेकार है ’’ उन्होंने बोला , ‘‘ यह मानना बहुत गलत है कि अमेरिका के साथ वार्ता या रिश्तों से समस्याएं सुलझाई जा सकती हैं ’’

Image result for अमेरिका के लिए समझौतों का कोई मायने नहीं: अयातुल्ला खुमैनी

ईरान  संसार के शक्तिशाली राष्ट्रों के बीच 2015 में हुए ऐतिहासिक परमाणु करार से खुद को अलग कर चुका अमेरिका ईरान को अलग – थलग करने पर तुला है  फिर से प्रतिबंधों को पूरी तरह थोपकर उस पर आर्थिक दबाव डालने की तैयारी में है इन प्रतिबंधों की आरंभ अगस्त में होगी

Loading...

यूरोप अमेरिका के इस कदम का विरोध कर रहा है  ईरान से अपने व्यापारिक संबंध बनाए रखने के तौर – तरीके तलाशने का इरादा जाहिर कर रहा है परमाणु करार के तहत ईरान ने प्रतिबंध हटाने के एवज में अपने परमाणु प्रोग्राम में कटौती की थी खमैनी ने बोला , ‘‘ यूरोपीय राष्ट्रों के साथ वार्तानिश्चित तौर पर चलनी चाहिए , लेकिन हमें अनिश्चितकाल तक उनकी पेशकश का इंतजार नहीं करना चाहिए ’’

loading...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोला है कि वह एक नए करार के लिए तैयार हैं जिसके दायरे में न सिर्फ ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान , बल्कि इसका मिसाइल प्रोग्राम  क्षेत्रीय दखल भी आएगा जिन्हें अमेरिका अपने सहयोगी इस्राइल के लिए खतरे के रूप में देखा जाता है खमैनी ने बोला , ‘‘ अमेरिका ईरान की क्रांति (1979) से पहले के दशा  अपने दर्जे की वापसी चाहता है ’’ उन्होंने बोला , ‘‘ वे परमाणु क्षमता , इसके संवर्धन की ईरान की ताकत  एरिया में इसकी मौजूदगी के विरूद्ध हैं ’’ ईरान की क्रांति के समय तक ईरान अमेरिका का करीबी सहयोगी था

Loading...
loading...