Saturday , October 20 2018
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ब्रिटेन में नर्व एजेंट केमिकल गैस ने फैलाई दहशत

इसी मार्च में एक पूर्व रूसी खुफिया जासूस सर्गेई स्क्रिपल(66)  उनकी बेटी यूलिया रहस्‍यमयी परिस्थितियों में ब्रिटेन के सैलिसबरी में एक बेंच बेसुध अवस्‍था में मिले ब्रिटेन इसकी गहनता से जांच कर ही रहा था कि इस घटना के कुछ दिनों बाद पुलिसिया जांच में पता चला कि चार्ली रोली (45) नाम के एक शख्‍स को सैलिसबरी के निकट अमेसबेरी के एक बियाबान पार्क में एक बोतल मिलीउन्‍होंने उसको परफ्यूम की बोतल समझा  अपनी पार्टनर डॉन स्‍ट्रगेस (44) को गिफ्ट में दे दियानतीजतन जब  चार्ली को मरणासन्‍ना अवस्‍था में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया

Image result for रूस की वह नर्व एजेंट केमिकल गैस

रूस पर शक
तफ्शीश में पुलिस ने बताया कि दरअसल इन दोनों घटनाओं के तार इस कारण जुड़े हुए हैं क्‍योंकि एक ही गैस की चपेट में आने के कारण ये हादसे हुए ब्रिटेन ने इस गैस के बारे में बताते हुए बोला कि ये लोग वास्‍तव में नुकसानदेह नोविचोक (Novichok) गैस का शिकार हुए थे इस नर्व एजेंट रासायनिक गैस का निर्माण सोवियत संघ (रूस के पूर्ववर्ती) के जमाने में किया गया था लिहाजा संदेह की सुई जब रूस पर घूमी तो उसने स्क्रिपल पर हमले से साफ मना कर दिया  प्रमाण मांगेअब ब्रिटिश पुलिस ने पहली बार दावा किया है कि उसने कई रूसी संदिग्‍धों को इस हमले के विषय मेंचिन्हित किया है

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नोविचोक (Novichok) नर्व एजेंट गैस
रूसी भाषा में नोविचोक का अर्थ न्‍यूकमर होता है इस रासायनिक नर्व एजेंट गैस को सोवियत संघ ने 1970  1980 के दशक में विकसित किया था इसको सोवियत संघ का चौथी पीढ़ी का रासायनिक हथियार बोला जाता है  इसको फोलियंट (Foliant) कोडनेम से विकसित किया गया था 1990 के दशक में रूसी कैमिस्‍ट डॉ वील मिर्जायानोव ने रूसी मीडिया के माध्‍यम से पहली बार इस गैस के बारे में बाहरी संसार को बताया बाद में वह अमेरिका भाग गए  अपनी किताब स्‍टेट सीक्रेट्स में उन्‍होंने इसके केमिकल फॉर्मूले के बारे में बताया इसके बारे में बोला जाता है कि ये सेरीन या VX जैसी अन्‍य नुकसानदेह नर्व एजेंट गैसों से भी ज्‍यादा नुकसानदेह है इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि दुश्‍मन पर हमला होने के बावजूद इसकी पहचान के बारे में पता लगाना लगभग असंभव जैसा कार्य है

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सर्गेई स्क्रिपल केस
पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल(66) उन चार रूसी लोगों में से एक है जिसे 2010 में मॉस्को ने अमेरिका में 10 डीप कवर ‘स्लीपर’ एजेंट के तौर पर बदला था उसके बाद इसे ब्रिटेन में शरणार्थी का दर्जा दे दिया गया था 2006 में सर्गेई को उस वक्‍त पकड़ा गया सेना से रिटायर हो चुके थे वह रूसी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस में कर्नल थे उन पर आरोप था कि वह 1990 से ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी को यूरोप में मौजूद रूसी खुफिया एजेंट्स की जानकारी उपलब्‍ध करा रहे थे इसके बदले में उनको लाखों डॉलर दिए गए 2006 में मामला उजागर होने के बाद उनको पकड़कर कारागार में डाल दिया गया उनको 13 वर्ष की सजा हुई

उसके बाद जब रूस  अमेरिका ने जासूसों की अदला-बदली की तो 10 रूसी जासूसों के बदले में उनको भी छोड़ दिया गया बोला जाता है कि उनको छुड़ाने में ब्रिटेन का हाथ रहा उसके बाद वह ब्रिटेन चले आए, जहां उनको शरणार्थी का दर्जा दिया गया

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